सोशल मीडिया पर पैनी नजर, भ्रामक पोस्ट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पाकुड़ :-आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व के मद्देनजर जिले में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले की उपायुक्त (डीसी) मेघा भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुदीप सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय पदाधिकारियों, सभी थाना प्रभारियों, बीडीओ, सीओ और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण संयुक्त ब्रीफिंग बैठक की।
बैठक में पर्व को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अफवाहों से रहें सतर्क, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना: उपायुक्त
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सतर्क और सक्रिय रहने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धरातल पर किसी भी प्रकार की छोटी-बड़ी गतिविधि होने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित किया जाए।
आम जनता से अपील करते हुए उपायुक्त ने कहा:
“बकरीद का त्योहार आपसी भाईचारे, त्याग और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। सभी नागरिक इसे मिल-जुलकर और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाएं। किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि या भ्रामक सूचना सामने आती है, तो बिना देर किए प्रशासन और पुलिस को इसकी जानकारी दें ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके।”
सोशल मीडिया पर रहेगी ‘तीसरी आंख’ की पैनी नजर
इस बार जिला प्रशासन का विशेष फोकस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर है। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों को चिन्हित कर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी गश्ती, पुलिस मुस्तैद: एसपी
पुलिस अधीक्षक श्री अनुदीप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि:
-
विशेष सतर्कता: जिले के सभी संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
-
नियमित गश्ती: दिन और रात के समय पुलिस की नियमित गश्ती (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए।
-
जन-संवाद: स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और शांति समिति के सदस्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
एसपी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और पुलिस बल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।
जिला प्रशासन की मुख्य तैयारियां: एक नजर में
| प्रशासनिक कदम | उद्देश्य |
| संयुक्त ब्रीफिंग | बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना। |
| सोशल मीडिया निगरानी | भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए माहौल बिगड़ने से रोकना। |
| दंडाधिकारियों की तैनाती | प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना। |
| क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) | किसी भी आपातकालीन सूचना पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार। |
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से त्योहार की पवित्रता बनाए रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

Updated Video





Subscribe to my channel



