पाकुड़: ईद पर बिखरी इंसानियत की महक, लुत्फ़ल हक ने रेलवे स्टेशन पर जरूरतमंदों के बीच परोसा सम्मान का निवाला

मानवता की मिसाल: पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर सामाजिक कार्यकर्ता लुत्फ़ल हक ने जरूरतमंदों संग बांटी ईद की खुशियां

पाकुड़। ईद-उल-अज़हा का पवित्र त्योहार जहां एक ओर त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर इस पर्व की असली रौनक जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने में दिखाई देती है। इसी मानवीय भावना को साकार करते हुए पाकुड़ के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता लुत्फ़ल हक ने एक सराहनीय पहल की। उन्होंने पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में पिछले तीन वर्षों से लगातार संचालित हो रहे निःशुल्क भोजन सेवा कार्यक्रम में शिरकत की और गरीब, असहाय लोगों एवं यात्रियों के बीच भोजन का वितरण किया।

त्योहार की असली खुशी, अपनों से बढ़कर दूसरों की सेवा में

ईद की खुशियों के बीच जब रेलवे स्टेशन पर मौजूद बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन परोसा गया, तो उनके चेहरों पर तैर गई मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक और खुशनुमा बना दिया। इस विशेष अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता लुत्फ़ल हक ने स्वयं आगे बढ़कर लोगों के बीच जाकर भोजन वितरित किया और बेहद आत्मीयता से उनका हालचाल भी जाना।

“ईद केवल अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ खुशियां मनाने का नाम नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी इन खुशियों में शामिल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। गरीबों और जरूरतमंदों के साथ ईद की खुशियां बांटने में जो सुकून मिलता है, वह दुनिया की किसी और चीज़ में नहीं मिल सकता।” — लुत्फ़ल हक, सामाजिक कार्यकर्ता

तीन वर्षों से लगातार जल रही है सेवा की अलख

गौरतलब है कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर पिछले तीन वर्षों से बिना रुके लगातार निःशुल्क भोजन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस रसोई के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों, बेसहारा लोगों और गरीब यात्रियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। आज के दौर में यह निरंतर सेवा मानवता और सामाजिक समर्पण की एक अनूठी मिसाल बन चुकी है।

स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना

ईद के इस मुबारक मौके पर आयोजित विशेष भोजन वितरण कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस नेक कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना था कि किसी भी त्योहार की वास्तविक खुशी तभी पूरी होती है, जब समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को भी उसमें बराबर की भागीदारी और सम्मान मिले।

इस भावुक और प्रेरणादायी अवसर पर मुख्य रूप से राणा शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सेवा कार्य में अपना सहयोग दिया।

ईद पर बिखरी इंसानियत की महक, लुत्फ़ल हक ने रेलवे स्टेशन पर जरूरतमंदों के बीच परोसा सम्मान का निवाला

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