अवैध निर्माण कार्य पर तुरन्त कार्रवाई आखिर किव नहीं होती

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट

अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं? सरकार और प्रशासन से उठे सवाल

गुजरात में विकास कार्यों और आधुनिक बुनियादी ढांचे की लगातार चर्चा होती रही है, लेकिन अवैध निर्माण और अतिक्रमण की समस्या आज भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। अक्सर देखने में आता है कि कोई अवैध मकान, दुकान या अन्य निर्माण वर्षों तक बिना किसी रोक-टोक के खड़ा रहता है, लेकिन बाद में अचानक प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर देता है।

इस स्थिति को लेकर आम नागरिकों में कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब अवैध निर्माण की शुरुआत हो रही थी, तब संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यदि शुरुआती चरण में ही जांच और आवश्यक कदम उठाए जाएं, तो वर्षों बाद लोगों के आशियानों को तोड़ने जैसी नौबत नहीं आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी जमीन, सार्वजनिक संपत्ति और विकास के लिए आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। कानून का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ मानवीय पहलुओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कई परिवार अपनी जीवनभर की बचत, कर्ज और कठिन परिश्रम से घर बनाते हैं। ऐसे में वर्षों बाद अचानक की गई कार्रवाई उनके सामने गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा कर देती है।

जनहित में यह मांग उठ रही है कि सरकार और स्थानीय स्वशासन संस्थाएं सरकारी भूमि का नियमित सर्वेक्षण करें, अवैध कब्जों की शुरुआत में ही प्रभावी कार्रवाई करें तथा लोगों को गुमराह होने से बचाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था विकसित करें। इससे अवैध निर्माणों पर रोक लगेगी और भविष्य में मानवीय समस्याएं भी कम होंगी।

साथ ही, जहां गरीब और जरूरतमंद परिवारों के आवास हटाने की मजबूरी हो, वहां वैकल्पिक आवास, पुनर्वास अथवा सरकारी आवास योजनाओं के माध्यम से राहत प्रदान करने पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

जनता का मानना है कि विकास तभी सार्थक होगा, जब कानून की सख्ती के साथ मानवीय संवेदनाओं का भी सम्मान किया जाए। सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि सरकारी भूमि सुरक्षित रहे, कानून का पालन हो और किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो।

“विकास तभी सफल माना जाएगा, जब उसमें कानून की दृढ़ता और मानवता की संवेदनशीलता दोनों का संतुलन हो।

टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस विज्ञप्ति और विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 9879 855419

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