गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सुरत शहर के लिंबायत विस्तार के चाय विक्रेता की पिटाई का मामला हाईकोर्ट पहुँचा
अहमदाबाद/सूरत: लिंबायत क्षेत्र में टी-स्टॉल चलाने वाले एक युवक की पुलिस कर्मियों द्वारा कथित रूप से पिटाई किए जाने का मामला अब गुजरात हाईकोर्ट पहुँच गया है। आरोप है कि पुलिस के डी-स्टाफ के जवानों ने युवक को चाय-पानी देने से इनकार करने पर पुलिस स्टेशन ले जाकर उसके साथ मारपीट की।
शिकायत कर्ता मनोज के आरोप के अनुसार, लिंबायत के डी-स्टाफ द्वारा कथित तौर पर रोजाना ₹700 से ₹800 का माल मुफ्त में ले जाया जाता था। 13 जुलाई को पुलिस कर्मियों ने पानी की 18 बोतलें मांगी थीं, जिसका मनोज ने कथित रूप से विरोध किया था। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे पुलिस स्टेशन ले गए और वहां उसके साथ मारपीट की गई।
मनोज का आरोप है कि पुलिस सब इंस्पेक्टर जाडेजा सहित अन्य कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट की तथा जाति सूचक अपशब्द कहे। आरोप के मुताबिक उसे करीब 250 डंडे मारे गए। बाद में सीसीटीवी का डीवीआर भी ले जाने और पुलिस स्टेशन में फुटेज डिलीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस कमिश्नर, डीसीपी तथा पुलिस इंस्पेक्टर को भी पक्षकार बनाया गया है।
एक महीने से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
मनोज की ओर से आरोप लगाया गया है कि घटना के संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद करीब एक महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस कमिश्नर सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत और रिट याचिका का रास्ता अपनाया गया।
गंभीर चोटों के कारण इलाज के लिए मुंबई गया
मनोज के अनुसार, पुलिस की मारपीट के कारण उसके पैर में गंभीर चोट आई है। उसके वकील का दावा है कि पुलिस द्वारा ही एम्बुलेंस बुलाकर उसे सिविल अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया था। बाद में पैर की गंभीर चोट के कारण वह सूरत छोड़कर मुंबई चला गया, जहां उसके पैर का इलाज चल रहा है।
मनोज की ओर से पुलिस के खिलाफ लगाए गए इन गंभीर आरोपों को लेकर मामला अब गुजरात हाईकोर्ट में पहुँच गया है। मामले में पुलिस कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और लगाए गए आरोपों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
Updated Video





Subscribe to my channel




