450 वर्ष पुराने सीकरी किले के रखरखाव पर करोड़ों खर्च, फिर भी यहां सैलानियों को नहीं मिलता पीने के लिए पानी

 

फतेहपुर सीकरी बुलंद दरवाजा, किला देखने हर साल हजारो सैलानी आते हैं, लेकिन पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से उनको भटकना पड़ता है।
पानी के लिए रोते रहे पर्यटक के बच्चे, किले में लगाए गए चिलर टंकी बनी शोपीस

फतेहपुर सीकरी बुलंद दरवाजा व लगभग 450 वर्ष पुराने ऐतिहासिक किले की देखरेख और रखरखाव के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग अब तक करोड़ों रुपए खर्च कर चुका है। उसके बाद भी किले को घूमने के लिए आने वाले सैलानियों को पीने के लिए पानी नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में सैलानी अपने साथ पानी से भरी हुई बोतलों को लेकर आते हैं। इसके अलावा किले का कुछ हिस्सा देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।
गौरतलब है कि फतेहपुर सीकरी किले में घूमने के लिए आने वाले सैलानियों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े इस सोच के चलते बुलंद दरवाजा परिसर के दालान में एक पानी की प्याऊ बनाई थी जो कि रखरखाव की कमी के कारण फिलहाल लगभग 2 वर्ष से बंद पड़ी हुई है भीषण गर्मी में पर्यटक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वही जोधावाई पैलेस स्मारक के अंदर बनी हुई पानी की टंकियों में पानी नहीं मिलता और अगर कभी मिलता भी है तो गर्म पानी पर्यटक के पीने के लिए रहता है जो कि इतना गर्म होता है कि पर्यटक उसको पी भी नहीं सकता है।
मंगलवार 13 जून को आगरा से एक पर्यटक अपने परिवार के साथ फतेहपुर स्मारक भ्रमण के लिए आया हुआ था कि इसी बीच पर्यटक के बच्चों को पानी के लिए रोता हुआ देखा गया। पूरी स्मारक के अंदर कहीं भी बच्चों को पीने के लिए पानी नहीं मिला, आखिरकार निराश होकर पर्यटक को बगैर स्मारक निहारे ही वापस लौटना पड़ा।
किले में पानी की सुविधा नहीं होने के साथ अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जगह-जगह लगे चमगादड़ों के झुंड किला की सुंदरता में ग्रहण लगा रहे हैं। इतना ही नहीं किले में लगे मधु मक्खियों के छत्ते पर्यटकों के लिए खतरा बने हुए हैं।
जिस पर कभी मुगल घराने का आधिपत्य रहा था। लेकिन दुर्भाग्य से इस इमारत पर बनी चित्रात्मक शैली धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। फतेहपुर सीकरी में हर रोज हज़ारों की तादात में आने वाले सैलानी प्राचीन धरोहर का भ्रमण करने अवश्य पहुंचते हैं, लेकिन किला की हो रही असुभिधा के कारण यहां आने वाले पर्यटक मायूस होकर जाते हैं।

*पर्यटक के लिए पानी की व्यवस्था कराई जाएगी*

फतेहपुर सीकरी स्मारक पुरातत्व विभाग के अधीन आता है।   पानी की समस्या को लेकर के जब फतेहपुर सीकरी सहायक संरक्षण दिलीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लाइट के कारण सैलानियों को ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है और जल्द ही पानी की अच्छी व्यवस्था की जाएगी।

 

अब्दुल कदीर
फतेहपुर सीकरी 9411411011

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