आगरा संवादाता अर्जुन रौतेला । स्व• निर्मला सिंह, काँके निवासी सह सेवानिवृत लेखा परीक्षक प्रमोद सिंह की धर्मपत्नी जिनका इस वर्ष ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी से 26 अप्रैल को निधन हो गया।

प्रमोद सिंह जी बड़े करुण स्वर में कहते हैं कि इस वर्ष हठ करके महापर्व छठ करने वाली ही नहीं,अपने परिवार व् बच्चों के लिए इतनी बड़ी बीमारी की दर्द सह कर भी 36 घँटे के निर्जला उपवास करने वाली ही इस वर्ष साथ नहीं है। विगत 2020 अप्रैल माह में महामारी कोरोना के बीच इलाज के तत्पश्चात यह मालूम हुआ कि निर्मला सिंह जी ब्रेस्ट कैंसर बीमारी से ग्रसित हैं। पूरे कोरोना के चरम सीमा पर रहने के बावजूद भी नोएडा के निजी अस्पताल जे• पी• में लगातार 3 साल इलाज चला। कैंसर के अंतिम स्टेज में पहचान होने पर भी निर्मला सिंह जी ने कभी हार नहीं मानी। छठ माँ की कृपा से रोग का दर्द और कीमो की प्रक्रिया को भी सह ली। इस दौरान बड़े सुपुत्र बिनीत की द्वितीय पुत्री का स्वागत एवम दो छोटे सुपुत्र की शादी को भी पूरी ऊर्जा के साथ कराया। कोरोना के दौरान एवं लगातार बीमारी के बावजूद भी महापर्व छठ को पूरे तनमयता से मनाया। पति और बेटे की हरसंभव प्रयास एवं स्वयं की हिम्मत से बीमारी में भी 3 वर्ष महापर्व के सभी नियमों का पालन किया, लेकिन अब वो नहीं।

प्रमोद सिंह कहते हैं कि उनकी हिम्मत की तारीफ करता हूँ, जिस तरह उन्होंने बीमारी को भी मात देने की क्षमता दिखाई लेकिन इस वर्ष हमारे सुख समृद्धि, परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, प्रगति के लिए घर की वो सदस्य साथ नहीं, इसका दुःख अब जीवन पर्यंत रहेगा।
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