२४/०१/२०२६ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
सूरत के सिविल अस्पताल में आज एक ऐसी घटना सामने आई, जिसे जानकर हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। एक पिता अपने सात वर्षीय मृत बेटे के इलाज की उम्मीद में उसे कंधे पर उठाकर लगभग आधा किलोमीटर तक पैदल चलता रहा। इस दृश्य ने सूरत सिविल अस्पताल की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
यह एक अत्यंत हृदय विदारक घटना है। सूरत सिविल अस्पताल परिसर में हुई इस घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है।
*पिता को मृत बच्चे के इलाज की उम्मीद थी जिससे सिविल अस्पताल में दौड़ता रहा*
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बिहार के निवासी और वर्तमान में सूरत के भटार क्षेत्र के खोडियार नगर में रहने वाले सरोज मंडल मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं, जिनमें सात वर्षीय कृष्ण सबसे छोटा था।
कृष्ण को लंबे समय से बुखार (ताप) आने की शिकायत थी। बीती रात अचानक कृष्ण की तबीयत बिगड़ गई और रात के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई। बेटे की मौत से अनजान पिता यह आशा लेकर सुबह उसे इलाज के लिए लेकर आए कि शायद उसका इलाज हो सके। लेकिन हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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