२८/०१ /२०२८ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सूरत शहर में ( U G C )के काले कानून’ को वापस लेने की मांग
सूरत शहर में *विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U G C)* द्वारा लागू किए गए *नए कानून के विरोध में श्री समस्त गुजरात ब्रह्म समाज* द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।
ब्रह्म समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग *कलेक्टर कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और इस कानून को काला कानून बताते हुए इसे रद्द करने की मांग* की।
ब्रह्म समाज ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह नया कानून *समग्र समाज के बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है*
इसी मुद्दे को लेकर ब्रह्म समाज की ओर से *राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सुरत जिला कलेक्टर को सौंपा गया, जिसमें सभी विद्यार्थियों के साथ होने वाले अन्याय को रोकने के लिए* इस कानून में *तत्काल सुधार करने की जोरदार मांग* की गई यहां उल्लेखनीय है कि 2016 में अहमदाबाद विश्वविद्यालय के दलित विद्यार्थी रोहित वेमुला और *2019 में डॉक्टर* बने दलित छात्र की *पायल तड़वी ने आत्महत्या कर ली थी।
दोनों ही मामलों में *जातिगत उत्पीड़न का कारण बताया गया था।
इसी पृष्ठभूमि में कॉलेजों में होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए यूजीसी (U G C ) कानून बनाने की जरूरत पड़ी हमारे बच्चों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा जयदीप त्रिवेदी
ब्रह्म समाज के पदाधिकारी श्री *जयदीप त्रिवेदी ने इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि सरकार ने U G C में इस प्रकार के कानून लागू कर* समग्र समाज के साथ *धोखा और अन्याय* किया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी समाज के बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा यह चेतावनी भी दी गई।
इस दौरान *कलेक्टर कार्यालय के बाहर* ब्रह्म समाज के विरोध प्रदर्शन के चलते *वातावरण गर्म हो गया* और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
U G C के नए नियम ‘काले कानून जैसा है*मिलन शुक्ला*
सौराष्ट्र-कच्छ ब्रह्म समाज* के ट्रस्टी एवं *ब्रह्मदेव समाज के राष्ट्रीय महासचिव श्री मिलन शुक्ला जी ने कहा कि सरकार द्वारा लाया गया U G C का यह नया अधिनियम काले कानून के समान है*
उन्होंने बताया कि इस कानून में यह प्रावधान है कि यदि सवर्ण जाति के बच्चों के विरुद्ध S T / S C /या फिर O B C समाज के विद्यार्थी शिकायत करते हैं तो 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट कर देनी होगी* और *90 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी*
हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी गंभीर सवाल उठेगा
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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