गुजरात प्रदेश सुरत शहर के एक सरकारी स्कूल में जिन बच्चों के हाथों में कापी किताब होनी चाहिए उन्हीं हाथों में झाड़ू पोछा दिखाई दे रहा है क्या होगा इन बच्चों का भविष्य

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात प्रदेश सुरत शहर के सरकारी स्कूल में बच्चों से मजदूरी कराने का वीडियो वायरल, नगर प्राथमिक शिक्षा समिति ने दिए जांच के आदेश

सूरत शहर की एक सरकारी स्कूल से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस में दिखा कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें और पेन होने चाहिए, उन्हीं बच्चों से स्कूल परिसर में साफ सफाई जैसे कार्य करवाए जा रहे हैं। स्कूल की ग्रिल, सजावटी हिस्सों और मैदान की सफाई छोटे-छोटे विद्यार्थियों से करवाई जा रही है, जबकि शिक्षक मूकदर्शक बने हुए दिखाई दे रहे हैं।

जिस उम्र में बच्चों को पढ़ाई और खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवारना चाहिए, उसी उम्र में उनसे शारीरिक श्रम करवाया जाना न केवल अमानवीय है, बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य के भी विरुद्ध है। वीडियो सामने आते ही अभिभावकों और आम नागरिकों में भारी रोष फैल गया है और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस मामले में जब संबंधित शिक्षक से पूछताछ की गई तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों से मजदूरी करवाने का नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने का था। हालांकि उन्होंने माफी भी मांगी और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया। लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या जागरूकता के नाम पर बच्चों से इस प्रकार का कार्य करवाना उचित है?

नगर प्राथमिक शिक्षा समिति का सख्त रुख इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री राजेंद्र कापड़िया ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर और नियमों का उल्लंघन है। समिति द्वारा स्कूलों को रखरखाव एवं अन्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त ग्रांट प्रदान की जाती है। इसके अलावा, सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रत्येक स्कूल को मेंटेनेंस और हाल ही में सफाई के लिए अतिरिक्त अनुदान भी दिया गया है। ऐसे में बच्चों से सफाई या अन्य कार्य करवाना पूरी तरह अनुचित है।

विशेष जांच टीम और कड़ी कार्रवाई

घटना की सच्चाई जानने के लिए निरीक्षकों की एक विशेष टीम स्कूल में स्थल पर जांच करेगी और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी शिक्षकों एवं आचार्यों के खिलाफ कड़ी शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही, समिति द्वारा शहर की सभी समिति-संचालित स्कूलों के लिए एक नया परिपत्र जारी किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट निर्देश होंगे कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों से सफाई, मजदूरी या किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करवाया जाएगा। बच्चों के अधिकारों और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बच्चों का स्थान स्कूल में सीखने के लिए है, श्रम के लिए नहीं है

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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