किसानों के साथ वादाखिलाफी: पाकुड़ में बीजेपी का एक दिवसीय धरना, राज्यपाल के नाम सौंपा मांगपत्र
पाकुड़ (झारखंड)। झारखंड में किसानों की ज्वलंत समस्याओं और राज्य सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा खोल दिया है। पाकुड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया गया है।
भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

‘चुनाव से पहले बड़े वादे, सरकार बनते ही भूल गई’
ज्ञापन में कहा गया है कि महागठबंधन सरकार ने चुनाव से पहले किसानों से कई लोकलुभावन वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आते ही हेमंत सरकार अपनी प्राथमिकताएं भूल गई। झामुमो और कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 3,200 रुपये प्रति क्विंटल करने, कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली देने और 1 रुपये प्रति डिसमिल की दर से फसल बीमा उपलब्ध कराने का वादा किया था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 48 घंटे में भुगतान का दावा करने वाली सरकार के राज में आज महीनों बाद भी हजारों किसानों का करोड़ों रुपया बकाया है। धान क्रय केंद्रों को खोलने में हुई देरी के कारण बिचौलियों का बोलबाला रहा, जिससे किसानों को औने-पौने दाम पर अपनी फसल बेचनी पड़ी।

ओलावृष्टि से फसलों का नुकसान और खाद की कालाबाजारी का मुद्दा
हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और भारी ओला वृष्टि ने रांची समेत राज्य के कई जिलों में तबाही मचाई है। तरबूज, खीरा, ककड़ी और हरी सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। भाजपा ने सरकार से तुरंत जमीनी सर्वेक्षण कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और मुआवजा देने की मांग की है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में खाद की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया गया। आरोप है कि 266 रुपये वाली यूरिया की बोरी किसानों को 800 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है।
“कृषि इस देश की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। लेकिन झारखंड सरकार की गलत नीतियों के कारण आज यहाँ का अन्नदाता कई मोर्चों पर जूझने को मजबूर है। भाजपा किसानों के हक के लिए चुप नहीं बैठेगी।”
– (भाजपा मांगपत्र से)
भाजपा की 12 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
भाजपा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य मांगे शामिल हैं:
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धान का MSP: किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,200 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए।
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बकाया भुगतान: धान की बेची गई फसल की बकाया राशि का तुरंत भुगतान हो।
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मुआवजा: ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर तत्काल मुआवजा दिया जाए।
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सब्सिडी और साधन: समय पर सब्सिडी आधारित खाद, बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
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योजना की बहाली: पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की ‘मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना’ को दोबारा शुरू किया जाए।
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ऋण माफी की समीक्षा: 2 लाख रुपये तक की ऋण माफी योजना में व्याप्त पेचीदगियों को दूर कर इसकी समीक्षा हो कि कितने वास्तविक किसानों को लाभ मिला।
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सिंचाई व्यवस्था: मानसून पर निर्भरता कम करने के लिए सिंचाई के पुख्ता इंतजाम हों।
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तकनीक और कोल्ड स्टोरेज: किसानों को नई कृषि तकनीक के प्रति जागरूक किया जाए और राज्य में कोल्ड स्टोरेज व प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी को दूर किया जाए।
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मुफ्त बिजली व गैस: वादे के मुताबिक किसानों को मुफ्त व निर्बाध बिजली दी जाए और 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
भाजपा ने साफ कर दिया है कि अगर इन मांगों पर राज्य सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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