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गुजरात में डीजल संकट गहराया, ट्रांसपोर्ट उद्योग पर गंभीर असर
गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट
गुजरात अहमदाबाद,
गुजरात में इन दिनों डीजल की भारी कमी के चलते ट्रांसपोर्ट उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण राज्य के कई जिलों में डीजल की किल्लत देखने को मिल रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि राज्य भर में लगभग 12 लाख ट्रकों के पहिए थमने की आशंका जताई जा रही है।
सौराष्ट्र, कच्छ तथा उत्तर गुजरात सहित ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की कमी सबसे अधिक महसूस की जा रही है। कई पेट्रोल पंपों पर “डीजल उपलब्ध नहीं” के बोर्ड लगाए गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है। इसके चलते ट्रक चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और बाजार में महंगाई बढ़ने की संभावना है। माल परिवहन और समय पर डिलीवरी में देरी होने से उद्योग जगत भी प्रभावित हो रहा है।
ऑल गुजरात ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर डीजल संकट दूर करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ट्रकों की आवाजाही रुकने से लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा।
वहीं डीजल की बढ़ती कीमतों और कमी का असर निजी ट्रैवल्स बस ऑपरेटरों पर भी दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार निजी बस संचालन में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी आई है। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा जैसे प्रमुख शहरों में बसों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है।
टी न न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय समाचार और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879 855419
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