गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट
भारत में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर मुस्लिम संगठनों की पहल बनी चर्चा का विषय
देशभर में बकरी ईद के पूर्व एक महत्वपूर्ण सामाजिक और धार्मिक मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी द्वारा गाय को “राष्ट्रीय पशु” घोषित करने तथा देशभर में गौहत्या पर समान कानून लागू करने की मांग किए जाने के बाद कई बड़े मुस्लिम संगठनों ने भी इस पहल का समर्थन व्यक्त किया है।
मुस्लिम संगठनों का मानना है कि इस कदम से समाज में सौहार्द बढ़ेगा तथा गौहत्या के नाम पर होने वाली हिंसा, विवाद और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। इस विषय को लेकर विभिन्न मुस्लिम नेताओं द्वारा केंद्र सरकार एवं संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की तैयारी भी की जा रही है।
संगठनों का कहना है कि देश में आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को संवेदनशील मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। गाय को भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताते हुए इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता जताई गई है।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी इस मुद्दे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में जहां आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह चर्चा और अधिक प्रभाव डाल सकती है।
मुस्लिम संगठनों की इस पहल को लेकर देशभर में विभिन्न सामाजिक वर्गों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879 855419
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