गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सूरत के ज्वलंत मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री श्री श्री दर्शन कुमार नायक
स्थानीय युवाओं को रोजगार, सूरत रेलवे डिवीजन, तापी-मिंढोला नदियों से अतिक्रमण हटाने और सूरत एयरपोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के महामंत्री श्री दर्शनकुमार ए. नायक ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर सूरत जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण और जनहित के मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप एवं कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में प्रधानमंत्री के दक्षिण गुजरात दौरे के दौरान भी इन मुद्दों पर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है।
श्री नायक ने हजीरा क्षेत्र में कार्यरत बड़े उद्योगों में स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार देने की मांग उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा उद्योगों को हजारों करोड़ रुपये की सुविधाएं, कर रियायतें तथा सैकड़ों हेक्टेयर सरकारी एवं वन भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद स्थानीय योग्य युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार से स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सुनिश्चित करने हेतु कड़े निर्देश जारी करने की मांग की।
उन्होंने सूरत रेलवे स्टेशन से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि पश्चिम रेलवे में मुंबई के बाद सर्वाधिक राजस्व देने वाले सूरत रेलवे स्टेशन को आज तक अलग रेलवे डिवीजन का दर्जा नहीं मिला है। वर्ष 2014 में किए गए वादे के बावजूद सूरत रेलवे डिवीजन की स्थापना नहीं होना शहर के साथ अन्याय है। साथ ही स्टेशन पर ARM पद पर तत्काल अधिकारी की नियुक्ति की भी मांग की गई है।
पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर श्री नायक ने कहा कि तापी और मिंढोला नदियों पर बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण हो चुके हैं तथा नदियां प्रदूषण और उपेक्षा के कारण मृतप्राय स्थिति में पहुंच गई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों की संयुक्त समिति बनाकर अतिक्रमणों की जांच तथा नदियों के संरक्षण के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की।
सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद भी सूरत एयरपोर्ट पर रनवे से जुड़े सुरक्षा अवरोध बने हुए हैं। रनवे के आसपास के अवरोधों को हटाकर CAT-I और ILS जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां तत्काल लागू करने तथा एयरपोर्ट का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त 138.38 करोड़ रुपये की लागत से बने नए टर्मिनल भवन में कथित अनियमितताओं की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई, संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तथा भुगतान रोकने की भी मांग की गई है।
श्री नायक ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि सूरत को ‘पॉइंट ऑफ कॉल’ द्विपक्षीय समझौतों में शामिल कर विदेशी एयरलाइंस को सूरत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी जाए, जिससे दक्षिण गुजरात के उद्योग, व्यापार और आम नागरिकों को लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत हस्तक्षेप आवश्यक है तथा सूरत की जनता को सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 9879 855419
Updated Video





Subscribe to my channel




