विश्व पर्यावरण दिवस: BGR माइनिंग ने रोपे 78,500 पौधे, बांटे फलदार वृक्ष और धुआँरहित बायोमास चूल्हे

पचवारा नॉर्थ कोल माइंस परियोजना क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को लेकर बीजीआर माइनिंग ने उठाई बड़ी जिम्मेदारी।

संवाददाता :-सुमन कुमार दत्ता, TN न्यूज़ 24, पाकुड़

पाकुड़। विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। कंपनी ने पचवारा नॉर्थ कोल माइंस परियोजना क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को समर्पित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस विशेष अभियान की शुरुआत वृक्षारोपण से हुई, जिसका नेतृत्व मुख्य अतिथि  अमुल कुमार सोरेन (क्षेत्रीय पदाधिकारी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड – JSPCB) ने किया।

78,500 पौधों का रोपण और जैव विविधता का संरक्षण

कंपनी ने पर्यावरण के प्रति अपनी कटिबद्धता को दोहराते हुए कार्यक्रम से पहले ही लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में 78,500 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण पूरा किया। यह विशाल हरित क्षेत्र आने वाले समय में स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।

3,400 फलदार पौधों का वितरण: पोषण और आजीविका की सुरक्षा

विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व आयोजित सामुदायिक आजीविका सहायता कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित परिवारों के बीच 3,400 फलदार पौधों का वितरण किया गया।

  • मिलेगा पोषण और रोजगार: प्रत्येक परिवार को आम, कटहल, सीताफल, चीकू, आंवला और नींबू के पांच पौधे दिए गए।

  • भविष्य का संकल्प: बीजीआर माइनिंग ने घोषणा की है कि वह आगामी वर्षों में प्रतिवर्ष 50,000 फलदार पौधों का वितरण करेगी, ताकि क्षेत्र में एक नई हरित क्रांति लाई जा सके।

धुआँरहित बायोमास चूल्हों से बदलेगी ग्रामीणों की रसोई

इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण थर्मल एफिशिएंट लकड़ी एवं बायोमास चूल्हों का वितरण रहा। शुरुआत में परियोजना प्रभावित 9 गांवों के ग्राम प्रधानों और आलूबेड़ा पंचायत के जनप्रतिनिधियों के बीच 20 चूल्हे बांटे गए। कंपनी ने आने वाले समय में हर प्रभावित परिवार को एक-एक चूल्हा देने का वादा किया है।

पारंपरिक चूल्हे के मुकाबले नए बायोमास चूल्हे की खासियतें:

  • 65% कम लकड़ी (ईंधन) की खपत।

  • 70% कम धुआँ उत्सर्जन, जिससे महिलाओं की सेहत सुरक्षित रहेगी।

  • कम समय में भोजन पकने से समय की बड़ी बचत।

मुख्य अतिथि ने की सराहना, कई गणमान्य रहे उपस्थित

मुख्य अतिथि अमुल कुमार सोरेन ने बीजीआर माइनिंग की इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग और वृक्षारोपण ही हमारी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दे सकता है।

इस अवसर पर डब्ल्यूबीपीडीसीएल के महाप्रबंधक  रामाशीष चटर्जी, शार प्रोजेक्ट्स के उपाध्यक्ष  दिलीप तामन, बीजीआर माइनिंग के महाप्रबंधक (सीएसआर) संजय बेसरा, आलूबेड़ा पंचायत की मुखिया  सारती मरांडी और प्रमुख  जूहीप्रिया मरांडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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