विभब कैपिटल एवं नियो ऑल्टरनेटिव एसेट मैनेजर्स के संयुक्त तत्वावधान में हुआ वैकल्पिक निवेश के नए अवसरों पर विशेष संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन

अर्जुन रौतेला आगरा के प्रतिष्ठित द ओबेरॉय अमरविलास में विभव कैपिटल एवं नियो ऑल्टरनेटिव एसेट मैनेजर्स के संयुक्त तत्वावधान में 6 जून, 2026 को “एक्सप्लोरिंग द वर्ल्ड ऑफ ऑल्टरनेटिव्स” विषय पर एक विशेष एवं ज्ञानवर्धक संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील गुप्ता द्वारा सभी विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थितजनों के स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और निवेशकों के लिए पारंपरिक निवेश साधनों से आगे बढ़कर नए अवसरों को समझना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हेमंत डागा (को-फाउंडर एवं सीईओ, नियो अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर्स) ने कहा कि भारत में वैकल्पिक निवेश का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और यह निवेशकों के लिए दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। उन्होंने निवेश में विविधीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल पारंपरिक निवेश विकल्पों पर निर्भर रहने के बजाय निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विभिन्न प्रकार के एसेट क्लासेज़ को शामिल करना चाहिए।

देविना खन्ना (एमडी एवं हेड इंडिया बिजनेस) ने कहा कि आज के निवेश परिवेश में केवल म्यूचुअल फंड्स और इक्विटी तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम क्षमता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक निवेश अवसरों पर भी विचार करना चाहिए क्योंकि ऐसे निवेश विकल्प संतुलित एवं मजबूत पोर्टफोलियो के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अभिषेक गोयल (एमडी एवं हेड, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एसेट्स) ने भारत में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर विकास एवं रियल एसेट्स सेक्टर की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित निवेश योजनाएँ निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिर आय तथा पूंजी वृद्धि के आकर्षक अवसर प्रदान कर रही हैं। भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और विकास परियोजनाओं के विस्तार के साथ यह क्षेत्र निवेश के लिए अत्यंत संभावनाशील बन चुका है।

सलोनी वैश (एमडी, स्पेशलाइज्ड स्ट्रेटेजीज) ने बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में विशेष निवेश रणनीतियों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों को केवल पारंपरिक विकल्पों तक सीमित न रहकर नवीन एवं संरचित निवेश समाधानों को भी समझना चाहिए, जिससे वे जोखिम प्रबंधन के साथ बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विस्तार से बताया कि आज निवेशकों के लिए केवल म्यूचुअल फंड्स और इक्विटी ही नहीं बल्कि ऑल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट्स भी महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में उभर रहे हैं। चर्चा के दौरान विभिन्न निवेश योजनाओं पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। वक्ताओं ने बताया कि वैकल्पिक निवेश योजनाएँ निवेशकों को पारंपरिक बाजारों से अलग अवसर प्रदान करती हैं तथा नियमित आय सृजन, पूंजी संरक्षण, बेहतर जोखिम प्रबंधन और दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इस अवसर पर विभव कैपिटल के संस्थापक शलभ गुप्ता विभव ने बताया कि भारत में उच्च निवल मूल्य वाले निवेशकों, उद्यमियों एवं पारिवारिक व्यवसायों के बीच वैकल्पिक निवेशों की मांग लगातार बढ़ रही है क्योंकि ये निवेश विकल्प पारंपरिक एसेट क्लासेज़ के साथ बेहतर संतुलन स्थापित करते हैं और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर निवेश संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा वैकल्पिक निवेशों की नवीनतम प्रवृत्तियों एवं अवसरों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर शहर के अनेक नामी-गिरामी उद्योगपति, उद्यमी, चिकित्सक, शिक्षाविद्, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वित्तीय विशेषज्ञ एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित नागरिक जैसे- किशोर खन्ना, गोपाल गुप्ता, डॉ. अरुण कपूर, डॉ. अर्पिता सक्सेना, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. प्रदीप साने, डॉ. कबीर गर्ग, अनिल पाहुजा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. अनिल राजन, डाॅ. शरद गुप्ता व संजीव सक्सेना आदि उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया। यह आयोजन आगरा के निवेशक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध हुआ।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461

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gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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