सोशल मीडिया की खबर पर जिला प्रशासन का त्वरित एक्शन, दिव्यांग कमली पहाड़िन को तत्काल उपलब्ध कराई गई व्हीलचेयर

लिट्टीपाड़ा के चीनपाड़ा गांव का मामला; आधार में तकनीकी खराबी के बावजूद प्रशासन ने शुरू की वैकल्पिक प्रक्रिया, जल्द बनेगा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र।

लिट्टीपाड़ा (पाकुड़): सोशल मीडिया की ताकत और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड में देखने को मिला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर 09 जून 2026 को प्रसारित एक खबर का जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। उपायुक्त के निर्देश पर लिट्टीपाड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने ग्राम पंचायत जामजोरी के चीनपाड़ा गांव पहुंचकर मामले की स्थल जांच की। यह जांच स्थानीय मुखिया और पंचायत सचिव की मौजूदगी में पूरी की गई।

जांच में सामने आईं तकनीकी दिक्कतें

जांच के दौरान पाया गया कि चीनपाड़ा निवासी रामा पहाड़िया की पुत्री कमली पहाड़िन मानसिक एवं शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट न होने के कारण उनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अब तक नहीं बन सका था, जिससे वे जांच शिविर में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई थीं।

मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण आधार में मोबाइल नंबर जोड़ने हेतु बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन में तकनीकी कठिनाइयां आ रही थीं। इसके बावजूद प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आधार में मोबाइल नंबर लिंक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि जल्द से जल्द उनका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनाकर सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा सके।

प्रशासन ने मौके पर ही उपलब्ध कराई व्हीलचेयर

कमली पहाड़िन की शारीरिक स्थिति को देखते हुए बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO), लिट्टीपाड़ा के माध्यम से उन्हें तत्काल एक व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर उन्हें समयबद्ध तरीके से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और अन्य सरकारी लाभ सुनिश्चित कराए जाएं।

परिवार को पहले से मिल रहा है अन्य योजनाओं का लाभ

प्रशासनिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कमली पहाड़िन का परिवार पूरी तरह सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं है।

  • पेंशन योजना: उनकी माता को आदिम जनजाति पेंशन योजना का लाभ नियमित रूप से मिल रहा है।

  • आवास योजना: उनके पिता के नाम से ‘जनमन आवास योजना’ के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है, जिसमें पूरा परिवार रह रहा है।

  • खाद्यान्न योजना: इस आदिम जनजाति परिवार को ‘डाकिया योजना’ के तहत घर तक नियमित रूप से मुफ्त खाद्यान्न (राशन) भी पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासन के इस त्वरित और मानवीय प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों और सोशल मीडिया पर सराहना की जा रही है।

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