डीडीसी ने परखीं मनरेगा, पीएम आवास और पंचायत सचिवालयों की व्यवस्थाएं; अधिकारियों को चेताया—अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ।
पाकुड़: सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने बुधवार को एक बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने सदर अस्पताल, विभिन्न पंचायत सचिवालयों और ग्रामीण विकास योजनाओं का स्थलीय जायजा लिया।
सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व सफाई व्यवस्था को परखा
डीडीसी अरविन्द कुमार लाल ने सबसे पहले सदर अस्पताल पहुंचकर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों को दवाओं और इलाज के लिए किसी भी तरह की परेशानी न हो।
तीन पंचायत सचिवालयों का निरीक्षण, रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के निर्देश
इसके बाद उप विकास आयुक्त और जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने संयुक्त रूप से हिरणपुर प्रखंड का दौरा किया। अधिकारियों ने हिरणपुर के:
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मोहनपुर पंचायत सचिवालय
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डांगापाड़ा पंचायत सचिवालय
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शहरग्राम पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया।
इस दौरान पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं, सरकारी अभिलेखों (रजिस्टरों) के संधारण, जनसेवा कार्यों और वहां की दैनिक कार्यप्रणाली को देखा गया। डीडीसी ने संबंधित कर्मियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें और पात्र लाभुकों को समय पर सरकारी लाभ सुनिश्चित कराएं।

प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा कूप निर्माण की जांच
प्रखंडों के दौरे के क्रम में डीडीसी महेशपुर प्रखंड भी पहुंचे। वहां उन्होंने ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बनाए जा रहे घरों की प्रगति और निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा की तथा सीधे लाभुकों से बात कर फीडबैक लिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने मनरेगा के तहत संचालित ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ और कुआं निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना प्राथमिकता: डीडीसी
निरीक्षण के अंत में उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा:
“सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें और नियमित रूप से मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।”
इस निरीक्षण अभियान से पूरे जिले के प्रशासनिक और पंचायत कर्मियों में हड़कंप का माहौल देखा गया।
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