गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश में फर्जी । चोरी का खुलासा, गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों का दुरुपयोग चिंताजनक
सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा एवं राजकोट में राज्य जीएसटी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में फर्जी कंपनियों और बोगस बिलिंग के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। प्रारंभिक जांच में लगभग 110 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन और करोड़ों रुपये की कर चोरी सामने आने से व्यापारिक और कर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शिक्षकों, मजदूरों तथा कम आय वाले लोगों को कंपनियों का निदेशक बनाकर उनके नाम पर कंपनियों का संचालन किया गया। कई मामलों में होम लोन, पर्सनल लोन एवं अन्य आर्थिक लाभों का लालच देकर बैंक खाते और दस्तावेज प्राप्त किए गए।
सूत्रों के अनुसार, कुछ कंपनियों को अल्प अवधि में भारी कारोबार दिखाकर बंद कर दिया गया तथा समय-समय पर निदेशकों को बदलकर नए लोगों को शामिल किया गया। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी लेन-देन किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
यह भी सामने आया है कि जांच एजेंसियां अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की सहायता से संदिग्ध कंपनियों की पहचान, लेन-देन की जांच तथा जोखिम मूल्यांकन का कार्य कर रही हैं।
यह मामला केवल कर चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम और दस्तावेजों के दुरुपयोग का भी गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई समय की आवश्यकता है
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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