गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सुरत शहर में बाढ़ संकट के बीच भाजपा नेताओं के पदग्रहण समारोह पर उठे सवाल, जनता की पीड़ा से मुंह मोड़ने का आरोप
सूरत, 8 जुलाई। शहर में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति के बीच मुगलिसरा स्थित तापी भवन में आयोजित भाजपा के 12 विभिन्न समितियों के चेयरमैनों के पदग्रहण समारोह को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जब आम जनता जलभराव और बाढ़ की समस्याओं से जूझ रही थी, तब भाजपा नेता एसी हॉल में समारोह और आतिथ्य में व्यस्त रहे।
जानकारी के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए ढोकला, खमण, इडली-सांभर सहित विभिन्न व्यंजनों की व्यवस्था की गई। साथ ही नए चेयरमैनों के परिजनों को एक-एक किलो काजू कतली के पैकेट भी वितरित किए गए।
आलोचकों का कहना है कि ऐसे समय में जब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक राहत सामग्री और सरकारी फूड पैकेट पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं, तब इस प्रकार के भव्य आयोजन और सत्कार से सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं।
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि जनता की परेशानियों को देखते हुए इस कार्यक्रम को स्थगित किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उनका कहना है कि संकट की घड़ी में जनसेवा और राहत कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए थी।
हालांकि, इस मामले में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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