गुजरात प्रदेश सुरत शहर के पांडेसरा विस्तार में 9 महीने की बच्ची का+++++++

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

**सूरत की खुली गटर ने ली 9 माह की मासूम की जान, औद्योगिक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल**//

*गुजरात प्रदेश सुरत शहर के पांडेसरा की राधिका प्रिंटिंग मिल में दर्दनाक हादसा; खेलते-खेलते गटर में गिर गई बच्ची, परिवार में मातम**

खुली गटर में गिरकर बच्ची की मौत की घटना के बाद अब सूरत के पांडेसरा जीआईडीसी क्षेत्र में भी एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। राधिका प्रिंटिंग मिल के बॉयलर के पास स्थित खुली गटर में गिरने से 9 माह की मासूम बच्ची गौरी उर्फ अमृता की मौत हो गई। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चित्रकूट निवासी बुद्धिविलास राधिका प्रिंटिंग मिल के बॉयलर विभाग में मजदूरी करते हैं और अपने परिवार के साथ मिल परिसर में ही रहते हैं। बताया गया है कि सुबह बच्ची अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह पास में स्थित खुली गटर में गिर गई। परिजनों ने करीब 10 से 15 मिनट तक तलाश की, जिसके बाद बच्ची गटर में मिली। उसे तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मृत बच्ची चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी उम्र महज 9 माह थी। इस दर्दनाक घटना के बाद मां गहरे सदमे में है और परिवार में शोक व्याप्त है।

परिवार की ओर से मिल परिसर में गटर खुली छोड़ने को लेकर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना ने औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूर परिवारों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि गटर को उचित तरीके से ढका गया होता और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है तथा पांडेसरा पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

**प्रमुख मांगें:**

1. राधिका प्रिंटिंग मिल परिसर में खुली गटर रखने के मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

2. संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

3. औद्योगिक इकाइयों में खुली गटरों और अन्य खतरनाक स्थानों की तत्काल जांच कराकर उन्हें सुरक्षित किया जाए।

4. मजदूर परिवारों के साथ रहने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

5. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग ठोस कदम उठाएं।

**एक मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागे, यह स्थिति नहीं होनी चाहिए। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करना और मजदूर परिवारों के जीवन की रक्षा करना संबंधित प्रबंधन एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है।

*टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट

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