गाँव स्तर पर सरकारी विद्यालय की व्यवस्था दिन प्रति दिन बदतर होती जा रही है ऐसे में शिक्षा स्तर जानने बतौर अभिभावक अगर विद्यालय पहुँच जाएं तो शिक्षक से शिक्षा पढ़ाई व्यवस्था समय सारणी साफ सफाई खान पान कपड़ा आदि पर सवाल पूछे तो शिक्षक भड़क कर मारपीट पर उतर आते हैं और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे देते हैं और शिक्षक गुट बना कर सामने आते हैं।
प्रकरण जिला बहराइच के विकास खण्ड मिहींपुरवा के ग्राम सभा कटघर के सरकारी स्कूल का है जहां एक युवक अपने घर के बच्चों को स्कूल में छोड़ने गया और अव्यवस्था देखी और स्कूल की गंदगी और समयसारिणी को लेकर उसने शिक्षक से सवाल पूछा तो शिक्षक भड़क उठे और युवक के साथ हाथापाई और अभद्रता करने लगे।
पीड़ित अभिभावक सिराजुद्दीन ने बताया कि 27 तारीख को मैं स्कूल में गया वहां के हालात देखकर शिक्षक से स्कूल की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बात पूछा तो शिक्षक मुझ पर भड़क उठे और तू – तू मैं – मैं करने लगे उसी बात पर मैं वापस चला आया, और आज सुबह मैं जब फिर अपने बच्चों को छोड़ने गया तो पहले से ही शिक्षक व अन्य उनके सहयोगी घात लगाकर बैठे हुए थे देखते ही मुझ पर हमला कर दिया जिसमे शरीर पर काफी चोट आई।
पीड़ित सिराजुद्दीन का कहना है कि हमला करने वालों ने स्कूटी की चाभी छीन लिया स्कूटी तोड़ दी तथा जेब मे रखे 13000 रुपया व मोबाईल फोन छीन लिया। जानमाल की धमकी भी दी। विवाद के चलते मौके पर अफरा तफरी का माहौल रहा।
घटना क्रम के मामले में युवक ने शिकायती पत्र का हवाला देते हुए कहा कि हमने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश सरकार व जिला जिला शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र व वीडियोग्राफी देकर शिकायत की है साथ ही हमने इंसाफ के लिए न्यायालय में वाद भी प्रस्तुत कर दिया है।
पीड़ित अभिभावक सिराजुद्दीन के साथ हाथापाई के अलावा एक और वीडियो है जिसमें सिराजुद्दीन अपने परिवार के बच्चों से विषय के बारे में पूछ रहा है लेकिन वह विषय की जानकारी नहीं दे पा रहे। इस पर सिराजुद्दीन ने शिक्षक से बातचीत की तो उन्होंने ऑन वीडियो कोई भी जानकारी दे पाने से इंकार किया और और वीडियो में देखा जा सकता है कि विद्यालय दयनीय हालत से गुजर रहा है। शिक्षक कहते दिख रहे हैं की वीडियो ऑफ़ करो जो जानकारी चाहिए मिल जाएगी जिससे प्रश्न उठता है कि यदि सब सही है तो जबाब देने में क्या दिक्कत है और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलाने की जिम्मेदारी खण्ड शिक्षा अधिकारी के पास होती है और निरीक्षण का भी अधिकार होता है तो निरीक्षण करके समय समय पर पाए जानी वाली अव्यवस्था पर कठोर कार्यवाही क्यो नही करते हैं, पहले शिक्षा के लिए पिछली पीढ़ियो ने लड़ाई लड़ी और अधिकार मिला लेकिन अब ऐसा देकर लगता है कि शिक्षा के लिए भी अब अभिभावकों को लड़ना होगा यह बड़ी बात हैं।
कई वीडियो बयान वायरल हुई है जिसमे अन्य अभिभावक व बच्चे साफ बता रहे हैं कि पढ़ाई नही होती है इसीलिए कुछ नही जानते हैं अध्यापक पढ़ाते नही है सिर्फ हँसी मजाक करते हैं और एमडीएम की व्यवस्था भी खराब है यदि कोई शिकायत करते हैं तो भी सुधार नही होता बच्चो द्वारा शिकायत किये जाने पर अध्यापक बच्चो को पीटते है।
सिराजुद्दीन ने बताया की उनपर दबाव बनाया जा रहा है कि शिकायत न करो जैसे चल रहा है चलने दो वरना फर्जी मुकदमा लिखवाकर जेल भेजवा देंगे। साथ ही कहा की बहराइच सबसे पिछड़ा जिला है यह गूगल भी बताता है जिसके जिम्मेदार गाँव स्तर पर बेकार शिक्षा व्यवस्था है ऐसे बेकार शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ लड़ूंगा। मनोज त्रिपाठी 8081466787, बहराइच ।
Updated Video




Subscribe to my channel





