BGR कोल माइंस कंपनी के गार्ड को पर्चा देकर मांगी थी रंगदारी, पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर दबोचा
पाकुड़ (अमड़ापाड़ा): झारखंड के पाकुड़ जिला अंतर्गत अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में बीजीआर (BGR) कोल माइंस कंपनी से टीपीसी (TPC) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नाम पर 50 लाख रुपये की मोटी रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) अनुदीप सिंह के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है और पुलिस उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बीते 14 मई 2026 की रात अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के ब्रिज नंबर-02 पर सड़क और पुल निर्माण का काम चल रहा था। वहां तैनात सुरक्षा गार्ड के पास दो अज्ञात व्यक्ति पहुंचे और उसे लाल रंग से लिखा एक धमकी भरा पर्चा थमा दिया। इस पर्चे में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) का नाम लेते हुए कंपनी से 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई थी।घटना के अगले दिन यानी 15 मई को इसकी सूचना पुलिस को मिली। जिसके बाद BGR कंपनी के पदाधिकारी मृणमय मित्रा ने अमड़ापाड़ा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 16 मई 2026 को अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या- 34/2026 दर्ज किया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(3), 308(4), 3(5) और 17 सीएलए (CLA) एक्ट के तहत दर्ज किया गया।
SP के निर्देश पर बनी SIT, तकनीकी जांच से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) अनुदीप सिंह ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने महेशपुर के अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
SIT ने मामले को सुलझाने के लिए मानवीय इनपुट्स (Human Intelligence) और तकनीकी आसूचना (Technical Cell) का सहारा लिया। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और दो अप्राथमिकी अभियुक्तों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपी अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं:
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चाँद हासदा उर्फ चुटरोय (उम्र करीब 41 वर्ष), पिता- स्व० नटवर हासदा, निवासी- बड़दाहा (मांझी टोला), अमड़ापाड़ा, पाकुड़।
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चानुस सोरेन (उम्र करीब 38 वर्ष), पिता- स्व० पागान सोरेन, निवासी- पचुवाड़ा (चेतान टोला), अमड़ापाड़ा, पाकुड़।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुल निर्माण स्थल पर रंगदारी का पर्चा देने और 50 लाख रुपये की मांग करने की घटना में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली है।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम (SIT): इस सफल उद्भेदन में महेशपुर SDPO विजय कुमार, अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी अनुप रोशन भेंगरा, पु०अ०नि० चंदन कुमार सिंह, पु०अ०नि० पप्पू कुमार, स०अ०नि० अमित कुमार राय के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक आवासीय कार्यालय की तकनीकी शाखा के पदाधिकारी/कर्मी और अमड़ापाड़ा थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस इस मामले में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अपराधियों के तार किसी बड़े नक्सली या उग्रवादी नेटवर्क से जुड़े हैं या इन्होंने सिर्फ पैसे ऐंठने के लिए संगठन के नाम का इस्तेमाल किया था। फिलहाल दोनों को जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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