गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश राजकोट ग्रामीण क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या की घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में लंबे समय तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तथा शिकायतकर्ता परिवार को लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद उचित कार्रवाई न किए जाने पर राजकोट रेंज IG निलिप्त राय ने सख्त कदम उठाते हुए चार पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में पडधरी तालुका के खाखड़बेला गांव में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता के पिता ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस द्वारा केवल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। आरोप है कि फरार आरोपी लगातार शिकायतकर्ता परिवार पर केस वापस लेने और समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
बुधवार को पीड़िता के पिता पर उस समय जानलेवा हमला किया गया जब वे अपने डेयरी फार्म पर मौजूद थे। आरोपियों ने धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और पुलिस की लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकोट रेंज IG निलिप्त राय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पडधरी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन PI ए.एन. राठौड़, PI एस.एन. परमार, PSI जे.डी. वाणा तथा ASI भगीरसिंह जाडेजा को सस्पेंड कर दिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में आरोपियों को दो वर्षों तक गिरफ्तार नहीं किया गया तथा शिकायतकर्ता परिवार की सुरक्षा को भी पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो पीड़िता के पिता की जान बचाई जा सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस तंत्र की जवाबदेही और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879 855419
Updated Video





Subscribe to my channel




