भगवान की तस्वीरें आगे, पीछे क्या चल रहा कारोबार ? हाईवे के ढाबों की जांच की मांग हुई तेज
त्यौंथर / विशेष प्रतिनिधि। नेशनल हाईवे 30 पर संचालित कुछ ढाबे इन दिनों स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। आरोप है कि कुछ प्रतिष्ठानों में भगवानों के चित्र एवं धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है, जबकि वहीं शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन की व्यवस्था संचालित की जा रही है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग उठने लगी है। चर्चाओं में हाईवे स्थित कुछ प्रतिष्ठानों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनमें संगम ढाबा का नाम स्थानीय स्तर पर लिया जा रहा है। हालांकि समाचार पत्र स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टिनहीं करता और संबंधित प्रतिष्ठानों का पक्ष प्राप्त होना शेष है.!
ग्राहक ने जताई आपत्ति
संगम ढाबा में भोजन करने पहुंचे प्रशांत शुक्ला ने हमारे संवाददाता से बात करते हुए दावा किया कि उन्होंने दूर से ढाबे के बाहर भगवान की तस्वीरें लगी देखीं, जिससे उन्हें लगा कि वहां शाकाहारी भोजन की व्यवस्था होगी। उनके अनुसार जब वह भोजन करने बैठे तो पास की टेबल पर एक ग्राहक को मांसाहारी भोजन परोसा जाता देखा, जिससे वह अचंभित रह गए। प्रशांत शुक्ला का कहना है कि यदि किसी प्रतिष्ठान में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन उपलब्ध हैं तो इसकी स्पष्ट जानकारी बोर्ड, पोस्टर या बैनर में प्रदर्शित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि ग्राहकों को भ्रमित करने वाली स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि लोगों को भोजन व्यवस्था की सही जानकारी मिल सके !
देर रात की गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं
सूत्रों के अनुसार हाईवे किनारे संचालित कुछ ढाबों की गतिविधियों को लेकर समय-समय पर शिकायतें और चर्चाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ प्रतिष्ठानों में देर रात तक बैठकर शराब सेवन किए जाने की सुविधाएं उपलब्ध होने की बातें भी सामने आती रही हैं।।
वहीं कुछ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाईवे किनारे संचालित कुछ ढाबों में बने कमरों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और यदि किसी प्रकार की अनियमितता मिले तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें !
प्रशासनिक निगरानी पर भी उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाईवे किनारे संचालित ढाबों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, लाइसेंस, पार्किंग, रात्रिकालीन गतिविधियों तथा अन्य व्यवस्थाओं की नियमित जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती, जिससे लोगों के बीच संदेह की स्थिति बनी रहती है। क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि नेशनल हाईवे 30 पर संचालित ढाबों और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप है तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कहीं कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्टर
प्रशांत शुक्ल TN News 24 ✍️
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