गुजरात प्रदेश सुरत शहर के 220 कपड़ा मार्केटों को अशांत धारा से मुक्त करने की मांग करते हुए श्री चम्पालाल बोधरा (C A I T) चेयमैन

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट

सूरत के 220 से अधिक कपड़ा बाजारों को अशांत धारा से मुक्त करने की मांग, CAIT ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सूरत, 5 जून : कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं टेक्सटाइल-गारमेंट समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चंपालाल बोथरा ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल एवं गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष संघवी को पत्र लिखकर सूरत के 220 से अधिक कपड़ा बाजारों को अशांत धारा (Disturbed Areas Act) के दायरे से बाहर करने की मांग की है।

श्री बोथरा ने अपने पत्र में कहा है कि अशांत धारा का उद्देश्य संवेदनशील आवासीय क्षेत्रों में सामाजिक संतुलन बनाए रखना था, जबकि सूरत के अधिकांश कपड़ा बाजार पूर्ण रूप से व्यावसायिक क्षेत्र हैं और वहां कोई आवासीय गतिविधि नहीं होती। इसके बावजूद इन बाजारों पर अशांत धारा लागू होने से व्यापारिक संपत्तियों के किराये, हस्तांतरण एवं खरीद-बिक्री की प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब और प्रशासनिक जटिलताएं उत्पन्न हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि एक साधारण किराया अनुबंध अथवा दुकान हस्तांतरण की अनुमति प्राप्त करने में भी एक माह या उससे अधिक समय लग जाता है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

CAIT ने सरकार से मांग की है कि सूरत के 220 से अधिक टेक्सटाइल मार्केट, शोरूम, कार्यालय एवं थोक व्यापारिक परिसरों को तत्काल अशांत धारा के दायरे से बाहर किया जाए तथा उन्हें “विशेष व्यापारिक क्षेत्र” (Special Commercial Zone) घोषित किया जाए। इसके साथ ही व्यावसायिक संपत्तियों से संबंधित एनओसी प्रक्रिया को समाप्त अथवा सरल बनाने और व्यापारिक लेन-देन के लिए पारदर्शी एवं सिंगल-विंडो ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है।

CAIT का मानना है कि इन सुधारों से सूरत के कपड़ा उद्योग को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा व्यापारिक गतिविधियां अधिक सुगम और प्रभावी बन सकेंगी।

टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें 9879 855419

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