1,111 बूथों पर 1.89 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी ‘दो बूंद जिंदगी की’; छूटे बच्चों के लिए 29 और 30 जून को घर-घर दस्तक देंगी सहिया।
पाकुड़: जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए आगामी 28 जून से तीन दिवसीय उप-राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस वृहद अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त (DC) मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए।
1.89 लाख से अधिक बच्चों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य
बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने जिले की तैयारियों, माइक्रोप्लान और बूथ प्रबंधन की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि इस बार जिले में 1,89,475 बच्चों को पोलियो की खुराक देकर प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सफल संचालन के लिए पूरे जिले में 1,111 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे, जिनकी सख्त निगरानी के लिए 268 सुपरवाइजर तैनात रहेंगे।

तीन दिनों का पूरा शेड्यूल:
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28 जून (पहला दिन): जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी व निजी विद्यालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सदर अस्पताल और निर्धारित बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
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29 और 30 जून (दूसरा व तीसरा दिन): स्वास्थ्यकर्मी, सहिया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बूथ पर छूटे हुए बच्चों को तलाशेंगे और उन्हें ‘दो बूंद जिंदगी की’ खुराक देंगे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 15 जून तक दें माइक्रोप्लान: उपायुक्त
उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज ने प्रखंडवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में यह अभियान बेहद संवेदनशील है। उन्होंने निर्देश दिया:
“यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का एक भी पात्र बच्चा इस जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) खुद फील्ड में मॉनिटरिंग करेंगे। वैक्सीनेटरों को इस तरह प्रशिक्षित करें कि रिपोर्टिंग में कोई गलत डेटा या त्रुटि न हो। सभी प्रखंड हर हाल में 15 जून तक अपना अंतिम माइक्रोप्लान जिला मुख्यालय को उपलब्ध करा दें।”
विभागीय समन्वय पर जोर
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा, समाज कल्याण (आंगनबाड़ी) और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा ताकि ईंट-भट्टों, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और घुमंतू परिवारों के बच्चों तक भी टीम आसानी से पहुंच सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन, परियोजना निदेशक (ITDA), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, डीपीएम और सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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