गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सूरत शहर में मानसून ने खोली विकास कार्यों की पोल, 15 दिनों में सड़क धंसने की 4 बड़ी घटनाएं
सूरत, 2 जुलाई:
स्मार्ट सिटी सूरत में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए विकास कार्य मानसून की पहली बारिश में ही सवालों के घेरे में आ गए हैं। पिछले 15 दिनों के भीतर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क धंसने की चार बड़ी घटनाएं सामने आने से नगर निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
ताजा घटना उधना-पांडेसरा रोड पर हुई, जहां सड़क धंसने से यात्रियों से भरी गुजरात राज्य परिवहन (एसटी) बस का टायर गड्ढे में फंस गया। बस में सवार करीब 35 यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई। वहीं लिम्बायत क्षेत्र में एक स्कूल वैन भी सड़क धंसने के कारण गड्ढे में फंस गई। हालांकि दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ा हादसा टल गया।इससे पहले 16 जून को डिंडोली क्षेत्र में नई बनी सड़क धंसने से एक डंपर पलट गया था। वहीं 30 जून को भारी बारिश के दौरान पूणागाम-सणिया रोड पर सड़क टूटने से कई कारें और अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों और करोड़ों रुपये की लागत से हुए सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई स्थानों पर सड़कें 100 मीटर से लेकर 700 मीटर तक धंसने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत तथा निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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