जय बाबा बर्फ़ानी अमरनाथ यात्रा 2026 का आज से हुआ शंखनाद, बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारों के साथ पहला जत्था रवाना

​जय बाबा बर्फानी! अमरनाथ यात्रा 2026 का शंखनाद; ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ पहला जत्था रवाना
​जम्मू/श्रीनगर | 3 जुलाई, 2026:
दशकों पुरानी आस्था, अटूट विश्वास और भोलेनाथ के प्रति अगाध प्रेम का पावन संगम आज से शुरू हो गया है। साल 2026 की पवित्र अमरनाथ यात्रा का आज (3 जुलाई) से विधिवत आगाज हो चुका है। तड़के सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से कश्मीर घाटी के बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना कर दिया गया है।
​श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, ‘हर-हर महादेव’ से गूंजी घाटी
​कड़ाके की ठंड और कठिन रास्तों की परवाह किए बिना देश के कोने-कोने से आए शिवभक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। बेस कैंप से लेकर रास्तों तक, चारों तरफ सिर्फ ‘बम-बम भोले’, ‘जय बाबा बर्फानी’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा के दर्शन की चाह में उनकी हर थकान और रास्ते की मुश्किलें बौनी साबित हो रही हैं।

​ अमरनाथ यात्रा 2026: महत्वपूर्ण तारीखें और शेड्यूल
​यदि आप भी इस वर्ष बाबा बर्फानी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से जुड़ी इन मुख्य तिथियों को नोट कर लें:

महत्वपूर्ण आयोजननिर्धारित तिथि
पहला जत्था रवाना (जम्मू से)3 जुलाई, 2026 (आज)
पवित्र गुफा में प्रथम दर्शन4 जुलाई, 2026
यात्रा की कुल अवधि48 दिन
रक्षाबंधन (यात्रा का अंतिम दिन)28 अगस्त, 2026

नोट: परंपरा के अनुसार, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर छड़ी मुबारक (भगवान शिव की पवित्र छड़ी) के गुफा में पहुँचने के साथ ही इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त, 2026 को होगा।

​प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
​इस बार की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ चिकित्सा शिविर (Medical Camps), लंगर और ठहरने की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, मौसम की सटीक जानकारी और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तकनीक का भी भरपूर उपयोग किया जा रहा है।
​मुख्य आकर्षण:
​भव्य विदाई: पहले जत्थे को उपराज्यपाल और प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर और तीर्थयात्रियों पर फूलों की वर्षा कर रवाना किया।
​भक्तिमय माहौल: पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और साधु-संतों के मंत्रोच्चार ने पूरे माहौल को शिवमय बना दिया है।
​डिजिटल ट्रैकिंग: इस बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए RFID टैगिंग और विशेष हेल्थ चेकअप की सुविधाएं और बेहतर की गई हैं।
​”बोलो बाबा बर्फानी की जय! हर-हर महादेव!”
भगवान शिव आपकी यात्रा मंगलमय और सुखद बनाएं!

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gc goyal rajan
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