गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात हाई कोर्ट के द्वारा जारी नए परिपत्र के विरोध में सूरत शहर के वकीलों का दो दिवसीय न्यायिक कार्य का बहिष्कार
गुजरात प्रदेश सूरत शहर 8 अगस्त।
गुजरात हाईकोर्ट द्वारा जारी नए परिपत्र के विरोध में अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए दो दिनों तक न्यायालयीन कार्यों से दूर रहने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के चलते सूरत जिला न्यायालय सहित विभिन्न अदालतों में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित रहने की संभावना है।
हाईकोर्ट के नए परिपत्र के अनुसार अब न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले सभी आवेदन, प्रार्थना-पत्र एवं मुद्दत (स्थगन) आवेदन निर्धारित फॉन्ट में, A4 आकार के 75 GSM कागज पर टाइप करके ही दाखिल करने होंगे। हाथ से लिखे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था से विशेष रूप से तहसील और जिला स्तर पर कार्यरत वकीलों तथा दूर-दराज से आने वाले वादकारियों (असीलों) को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उनका मानना है कि नई व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है और इससे न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाएगी।
इसी के विरोध में सूरत जिला अधिवक्ता संघ तथा बार काउंसिल ऑफ गुजरात के सदस्यों ने दो दिनों तक सभी न्यायालयीन कार्यों का बहिष्कार करने की घोषणा की है। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से परिपत्र पर पुनर्विचार करने तथा व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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