गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
नवी सिविल हॉस्पिटल सूरत रैगिंग मामले में आरोपी डॉक्टर को अग्रिम जमानत से राहत नहीं, कोर्ट ने याचिका खारिज की
सूरत: सिविल अस्पताल के रैगिंग एवं डॉ. हर्ष की आत्महत्या से जुड़े मामले में आरोपी डॉक्टर द्वारा गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोपी डॉक्टर के पास उच्च शैक्षणिक डिग्री होने के कारण उसके विदेश भाग जाने की आशंका है। वहीं, आरोपी के खिलाफ लगाए गए एट्रोसिटी एक्ट के आरोपों को देखते हुए अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में भी कार्रवाई की सिफारिश
मामले में एंटी-रैगिंग कमेटी द्वारा भी जांच की गई थी। जांच के बाद आरोपी सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई एवं सजा की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।
वरिष्ठ डॉक्टरों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
आरोप है कि मृतक डॉ. हर्ष को वरिष्ठ डॉक्टरों की ओर से रैगिंग एवं मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। आरोपों के मुताबिक, उसके कार्यक्षेत्र से बाहर के काम करवाए जाते थे तथा छोटी-छोटी बातों को लेकर उसे कथित तौर पर परेशान किया जाता था। इसी मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी का रास्ता साफ होने की संभावना है और पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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