गुजरात प्रदेश में शराब के प्रतिबंध को हटाने के लिए गुजरात प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मंत्री श्री समीर मलिक +++++

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात में शराबबंदी के बावजूद लठ्ठाकांड चिंताजनक : शराबबंदी हटाकर शराब की छूट देने की मांग

गुजरात में शराबबंदी का कड़ा कानून लागू होने के बावजूद देशी-विदेशी शराब की हेराफेरी और अवैध बिक्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वहीं, बूटलेगरों द्वारा केमिकलयुक्त एवं घटिया गुणवत्ता वाली शराब बेचे जाने के कारण लठ्ठाकांड जैसी घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जाने के आरोप भी सामने आते रहे हैं।

हाल ही में भावनगर में लठ्ठाकांड की घटना में 13 लोगों की मौत के बाद एक बार फिर गुजरात की शराबबंदी नीति सवालों के घेरे में है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस सेवादल के मंत्री श्री समीर मलेक ने गुजरात में शराबबंदी कानून हटाकर शराब की अनुमति देने की मांग की है।

समीर मलेक ने इस मांग को लेकर ओलपाड मामलतदार एवं ओलपाड प्रांत अधिकारी को राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री के नाम संबोधित आवेदनपत्र सौंपा।

आवेदन में कहा गया कि गुजरात में वर्षों से शराबबंदी लागू होने के बावजूद बड़ी मात्रा में देशी और विदेशी शराब पकड़ी जाती है तथा अवैध बिक्री एवं सेवन के आरोप लगातार सामने आते हैं। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए बूटलेगरों द्वारा नकली एवं केमिकलयुक्त शराब बनाए जाने के आरोपों के बीच समय-समय पर लठ्ठाकांड की गंभीर घटनाएं भी सामने आती रही हैं।

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2016 में 25, 2017 में 11, 2018 में 1, 2019 में 3 और 2020 में 10 लोगों की मौत लठ्ठाकांड की घटनाओं में होने का दावा किया गया है। इन पांच वर्षों में कुल 50 मौतों का आंकड़ा सामने रखा गया है। वहीं, 1977 से 2026 तक गुजरात में लठ्ठाकांड की विभिन्न घटनाओं में 500 से अधिक लोगों की मौत होने का दावा भी किया गया है।

समीर मलेक ने आरोप लगाया कि गुजरात में शराबबंदी केवल कागजों पर रह गई है। यदि शराब पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद अवैध बिक्री और सेवन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है, तो सरकार को शराबबंदी कानून की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून के कारण अवैध शराब के कारोबार को बढ़ावा मिलने का आरोप है। इसलिए उन्होंने गुजरात से शराबबंदी कानून हटाकर शराब की छूट देने की मांग की है।

कांग्रेस के ही एक नेता द्वारा गुजरात में शराबबंदी हटाने की मांग किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।

टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट

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