गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
रिक्शा-टैक्सी यूनियनों का बड़ा ऐलान: 7 से 10 सितंबर तक अहमदाबाद में चार दिवसीय पूर्ण हड़ताल
अहमदाबाद: ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी, निजी टू-व्हीलर के माध्यम से यात्री सेवा तथा निर्धारित किराए के बजाय एल्गोरिदम आधारित कम और अनिश्चित किराए के विरोध में अहमदाबाद के रिक्शा एवं टैक्सी चालकों की विभिन्न यूनियनों ने 7 से 10 सितंबर 2026 तक चार दिवसीय पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है।
यूनियन नेताओं के अनुसार, प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद रिक्शा एवं टैक्सी यूनियनों की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया। यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं एवं मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
3.50 लाख से अधिक वाहन सड़कों से हटेंगे
यूनियनों के दावे के मुताबिक, अहमदाबाद शहर में लगभग 3 लाख रिक्शा और 50 हजार से अधिक टैक्सियां इस हड़ताल में शामिल होंगी। इसके चलते 7 से 10 सितंबर तक शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड सहित रोजाना आने-जाने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यूनियनों ने यह भी कहा है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में भी रिक्शा-टैक्सी सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया गया है और यात्रियों से पहले से वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने की अपील की गई है।
ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
रिक्शा एवं टैक्सी यूनियनों का मुख्य आरोप है कि ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियां सरकारी नियमों एवं दिशा-निर्देशों का कथित रूप से उल्लंघन कर रही हैं। निजी टू-व्हीलर वाहनों को यात्री परिवहन सेवाओं में शामिल किए जाने से पारंपरिक रिक्शा एवं टैक्सी चालकों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
यूनियनों ने सरकार द्वारा निर्धारित मीटर किराए को लागू करने, एल्गोरिदम आधारित मनमाने एवं कम किराए पर नियंत्रण करने तथा गैरकानूनी टू-व्हीलर टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने की मांग की है।
27 अगस्त को वाहन व्यवहार आयुक्त को सौंपा था ज्ञापन
समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए यूनियन के प्रतिनिधियों ने 27 अगस्त को गांधीनगर में वाहन व्यवहार आयुक्त से मुलाकात कर विस्तृत आवेदन-पत्र सौंपा था। इसके बाद आंदोलन के प्रथम चरण के रूप में 28 अगस्त से रिक्शा एवं टैक्सियों पर जागरूकता और विरोध संबंधी पोस्टर लगाए गए।
यूनियन नेताओं का कहना है कि इसके बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते संयुक्त यूनियनों ने चार दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया है।
आंदोलन को राज्यव्यापी बनाने की चेतावनी
रिक्शा एवं टैक्सी यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 से 10 सितंबर की हड़ताल के बाद भी सरकार द्वारा ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को राज्यव्यापी बनाया जा सकता है और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया जा सकता है।
यूनियन नेताओं ने सरकार से तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने तथा रिक्शा-टैक्सी चालकों के रोजगार और हितों की रक्षा करने की मांग की है।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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