गुजरात प्रदेश के सूरत जिले के ओलपाड तहसील में बड़ी संख्यामें देशी और विदेशी शराब के अड्डे गैर कानूनी ढंग से खुले आम चलाए जा रहे हैं प्रशासन द्वारा जांच करके कायदे सर कार्यवाही करने की गृह मंत्री श्री हर्ष भाई संघवी से अनुरोध करते गुजरात प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री श्री दर्शन कुमार ए नायक

13/12/2025 टी यन न्यूज 24 गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात प्रदेश सुरत जिले के ओलपाड तालुका में व्यापक स्तर पर चल रहे देशी-विदेशी शराब के गैरकानूनी व्यापार व शराब माफियाओ के संबंध में तात्कालिक जांच और कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध।

 

दक्षिण गुजरात, विशेषकर सुरत जिले के ओलपाड तालुका में व्यापक रूप से चल रहे देशी एवं विदेशी मदिरा तथा ताड़ी के गैरकानूनी व्यापार और शराब माफियाओ के गतिविधियों की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता/चाहती हूँ। इन गतिविधियों से इस क्षेत्र का समाज गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है और इसके परिणामस्वरूप अपराधिक गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है।

 

ओलपाड तालुका के समुद्र तटीय क्षेत्रों में स्थित डभारी, लवाछा, धन्शेर, पिंजरत आदि गावों में बड़े पैमाने पर देशी शराब की भट्ठियाँ/ठिकाने सक्रिय हैं। इनके फोटो और वीडियो इस पत्र के साथ संलग्न हैं। यहाँ  शराब माफियाओ की संख्या भी अत्यधिक है। इस बाबत हमने बार-बार गृह विभाग में शिकायतें की हैं, परन्तु केवल दिखावटी कार्रवाइयाँ होती रही हैं और वास्तविक क्रियान्वयन नहीं हो रहा। देशी और विदेशी शराब को कंटेनर, टेम्पो, ट्रक आदि वाहनों में खुल्लम खुल्ला सड़क पर भेजा-लिया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से शराब निषेध कानून का उल्लंघन है।

 

सरकार, स्टेट विजिलेंस तथा गृह विभाग द्वारा इस पर गंभीर कदम उठाने के निर्देश दिये गये हैं, परन्तु ओलपाड तालुका में उनका समुचित पालन नहीं हो रहा है। विशेषत: यहाँ के प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। लोगों की शिकायतों के अनुसार, अधिकारी शराब माफियाओ के सांठ-गाँठ करके निगरानी में ढील दे रहे हैं और करोड़ों रुपयों की कमाई हो रही है। इन गतिविधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे शराब का दुष्प्रचार दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है।

 

गांधीनगर से स्टेट विजिलेंस की टीम ओलपाड में आकर छापेमारी कर सकती है, तो स्थानीय पुलिस आँखें क्यों बंद कर रही है? अन्य जिलों व तहसीलों में जब स्टेट विजिलेंस कार्रवाई करती है तो स्थानीय पुलिस अधिकारियों व बीट जमानतदारों के खिलाफ भी कार्रवाई होती है, किन्तु ओलपाड क्षेत्र में ऐसा कुछ नहीं होता। कुछ पुलिस अधिकारी तो यह भी कहते हैं कि ‘मेरी तो डायरेक्ट लाइन है’। यह ‘लाइन’ किसकी है और किसके आशिर्वाद से यह बनी हुई है — इसकी भी जांच होनी चाहिए।

 

वास्तव में अपराध वृद्घि का मुख्य कारण शराब ही है। गुजरात में शराब निषेध की बातें होती हैं, पर जमीन पर वास्तविकता उससे बिल्कुल विपरीत है, जो चिंताजनक है। इन गतिविधियों के कारण समाज में नशा, अपराध और अस्वस्थता बढ़ रही है।

लोकहित में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तदनुसार छानबीन करवाई जाए तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका, शराब माफियाओ राजनीतिक सम्बन्ध एवं स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता की विस्तृत जाँच कर उत्तरदायियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसा करने से उदहारण बनेगा और एक स्वस्थ व सुरक्षित समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्मके खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें

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