सूरत शहर पुलिस कमिश्नर श्री अनुपम सिंह गहलोत जी के आदेश पर पांडेसरा पुलिस निरीक्षक श्री एच एम गढ़वी साहब पुलिस उप निरीक्षक जे सी जाधव एवम् पुलिस उप निरीक्षक श्री एस जी चावड़ा के मार्ग दर्शन में जी आई डी सी पुलिस स्टेशन के आला अधिकारियों की सूझ बूझ से ए टी एम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले यूपी के शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए सूरत की लेडी कॉन्स्टेबल्स ने गजब की सूझबूझ दिखाई।
जब पुलिस को सूचना मिली कि एटीएम बदलकर लोगों को लूटने वाले आरोपी जियाव गांव में छिपे हैं, तब उन्हें सीधे पकड़ना संभव नहीं था। इसलिए कॉन्स्टेबल्स ने डॉक्टर का भेष धारण कर बीमारी की जांच करने के बहाने वे अकेली आरोपियों के मकान में दाखिल हुईं और बातचीत कर पता लगाया कि अंदर कुल कितने लोग है तो बताया गया कि हम पांच लोग है आरोपीओ की मौजूदगी सुनिश्चित होते ही
उन्होंने टीम को सिग्नल दे दिया और अन्य पुलिसकर्मियों ने इस गिरोह को दबोच लिया। महिला कॉन्स्टेबल्स की इस अनोखी रणनीति के कारण ही यह ऑपरेशन सफल हो पाया और अपराधियों को भनक तक नहीं लगी।
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद खतरनाक और चालाकी भरी थी। वे खास तौर पर पांडेसरा और सचिन GIDC जैसे इलाकों के एटीएम सेंटरों पर नजर रखते थे। जो भोले-भाले और अनपढ़ मजदूर पैसे निकालना नहीं जानते थे, उन्हें मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर ठग लेते थे।
वे लोगों का विश्वास जीत लेते थे। इस दौरान वे ध्यान भटकाकर उनका PIN नंबर देख लेते और असली कार्ड बदलकर अपना नकली कार्ड थमा देते थे। मिनटों में ही गरीब मजदूरों की जिंदगी की पूँजी उनके खातों से साफ़ हो जाती थी। पिछले 6 महीनों से इस टोला/गैंग ने कई लोगों की जेबें खाली की गई थी
लेडी कॉन्स्टेबल के सिग्नल के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर 5 आरोपियों को दबोचा लिया। इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस भी चौंक उठी, क्योंकि आरोपियों के पास से 150 से अधिक विभिन्न बैंकों के ATM कार्ड मिले। इसके अतिरिक्त 57,000 की नकदी और 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों का अपने वतन उत्तर प्रदेश भागने का इरादा था लेकिन उससे पहले ही वे पुलिस के जाल में फंस गए। इस ऑपरेशन से पांडेसरा, सचिन और भेस्तान पुलिस स्टेशनों में दर्ज 5 गंभीर अपराधों का रहस्य एक साथ हल हो गया है और कुल 1,10,000 का मुद्दा माल कब्जे में लिया गया है
आप को बताते चले कि यूपी के कुख्यात अपराधी और मुख्य सूत्रधार के नेतृत्व में पकड़े गए इस गिरोह का मुख्य सरगना 26 वर्षीय रामूजन उर्फ सौरभ सरोज है, जिसके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपी में 1. रामकुमार उर्फ सोनू धनश्याम सौरभ, उम्र 26 वर्ष2. अनिल कुमार विरेंद्र प्रसाद राजभर, उम्र 26 वर्स 3. विशाल रामरतन राजभर, उम्र 25 वर्ष 4. राहुल रमेश राजभर, उम्र 24 वर्ष 5. विकास बिहारी लाल राजभर, उम्र 26 वर्ष
जो कि सभी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आज़म गढ़ के निवासी हैं। यह गिरोह सूरत में रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
रामूजन के नेतृत्व में यह गैंग बेहद सुनियोजित तरीके से ठगी का जाल बिछा रही थी। सूरत पुलिस की समय सूचकता से इस अंतर राज्यीय गिरोह की जड़ें उखाड़ फेंकी गई हैं।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
Updated Video




Subscribe to my channel





