गुजरात प्रदेश सुरत शहर के हजीरा औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों के खिलाफ हुए एफ आई आर के खिलाफ सूरत शहर कांग्रेस कमेटी के द्वारा सुरत शहर पुलिस कमिश्नर को आवेदन

गुजरात प्रदेश सुरत शहर के हजीरा मजदूर विवाद में सूरत कांग्रेस का अनोखा विरोध; हेलमेट और जैकेट पहनकर पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा

मजदूरों पर दर्ज शिकायतें रद्द करने और शोषण करने वाले ठेकेदारों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

गुजरात प्रदेश सूरत के हजीरा औद्योगिक क्षेत्र में AMNS और L&T जैसी बड़ी कंपनियों में मजदूरों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्पन्न हालात पर सूरत शहर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है। शनिवार को कांग्रेस नेताओं और मजदूरों ने सेफ्टी हेलमेट और जैकेट पहनकर मजदूरों के साथ एकजुटता दिखाई, पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव किया और विस्तृत आवेदन पत्र सौंपा।

सूरत शहर कांग्रेस अध्यक्ष विपुल उधनावाला ने पुलिस आयुक्त को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की मजदूरों को समय पर मासिक वेतन नहीं मिलता। वेतन से E S I की कटौती होने के बावजूद बीमारी के दौरान उन्हें चिकित्सा उपचार या दवाइयां नहीं दी जातीं।

जब मजदूर अपनी शिकायतें लेकर प्रबंधन के पास जाते हैं, तो उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें धमकाया और अपमानित किया जाता है। कांग्रेस का दावा है कि कंपनी के अधिकारियों और ठेकेदारों ने मजदूरों को उकसाया और उनके सम्मान का हनन किया, जिससे हिंसा भड़की। आगे कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विपुल उधनावाला ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन पुलिस बल का दुरुपयोग कर रहा है। शांतिपूर्ण विरोध कर रहे निर्दोष मजदूरों और उनके नेताओं पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर और झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। पहले मजदूरों का आर्थिक शोषण किया गया और अब उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो निंदनीय है। वहीं पर सूरत शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरीश सूर्यवंशी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यदि पाटीदार आंदोलन के दौरान पाटीदार युवाओं पर दर्ज पुलिस शिकायतें वापस ली जा सकती हैं, तो निर्दोष मजदूरों के खिलाफ दर्ज शिकायतें भी वापस ली जा सकती हैं लगभग 2,000 मजदूरों पर झूठी शिकायतें दर्ज की गई हैं। एक कंपनी में दो से पांच हजार मजदूर काम करते हैं। यदि हजीरा की विभिन्न कंपनियों के मजदूर अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरते हैं, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इसलिए पुलिस मजदूरों पर दर्ज शिकायतें रद्द करे, अन्यथा कांग्रेस हाईकोर्ट का रुख करेगी और श्रम कानूनों के तहत न्याय की मांग करेगी। हरीश सूर्यवंशी ने पुलिस प्रशासन के सामने स्पष्ट शर्तें रखीं—मजदूरों के खिलाफ दर्ज सभी “झूठी” FIR तुरंत रद्द की जाएं। केवल मजदूरों को निशाना न बनाया जाए, बल्कि उनका शोषण करने वाले सब-कॉन्ट्रैक्टरों, कंपनी के जनरल मैनेजरों और मैनेजिंग डायरेक्टरों के खिलाफ भी कानूनी जांच और कार्रवाई हो। मजदूरों के लिए मुआवजा, ओवरटाइम और अन्य लाभ सुनिश्चित किए जाएं।

कांग्रेस कमेटी का कहना है कि देश के कोने-कोने से आए ये मजदूर यहां दंगे करने नहीं, बल्कि अपने परिवारों का पालन-पोषण करने आए हैं। उनके साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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