मुकद्दस माह रमज़ान के 29वें रोज़े की खास फज़ीलत के बीच दरगाह हज़रत शैख़ सलीम चिश्ती में सामूहिक अफ़्तार का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 4000 से अधिक बड़ी संख्या में रोज़ेदारों ने शिरकत कर इबादत और भाईचारे की मिसाल पेश की। जैसे-जैसे रमज़ान अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच रहा है, वैसे-वैसे इबादत का जज़्बा और अल्लाह की रहमतें पाने की चाहत लोगों में और गहरी होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार दरगाह हज़रत शैख़ सलीम चिश्ती की ओर से इस अफ़्तार का आयोजन कराया गया। शाही स्थानीय मस्जिद में आयोजित इस कार्यक्रम में रोज़ेदारों ने एक साथ रोज़ा खोलकर आपसी सौहार्द और एकता का संदेश दिया। अफ़्तार से पहले सभी ने मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं भी कीं।

इस मौके पर फईम कुरेशी,एहसान साबरी,हनीफ,मुस्तकीम,सलीम, शानू,सलमान खान,महाराज, रशीद खान,अब्दुल कदीर,अनवार कुरेशी,ताजुद्दीन,मन्नू,कल्लू,समीर, सहित बड़ी संख्या में रोज़ेदार मौजूद रहे। सभी ने मिल-जुलकर अफ़्तार किया और रमज़ान की बरकतों को साझा किया।
धार्मिक जानकारों के मुताबिक, रमज़ान के 29वें रोज़े की विशेष अहमियत होती है, क्योंकि इसी दिन चांद के दीदार की उम्मीद रहती है और ईद-उल-फितर की तैयारियां अपने चरम पर होती हैं। ऐसे में इबादत, दुआ और सदक़ा-खैरात का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
यह आयोजन न केवल इबादत का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और प्रेम का सुंदर संदेश भी दे गया।
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