जबरदस्ती नहीं लग सकते स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटरों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी, किसान यूनियन ने एत्मादपुर में की बैठक

प्रीपेड मीटरों के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी, किसान यूनियन ने एत्मादपुर में की बैठक

एत्मादपुर। विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड मीटरों के विरोध में अब ग्रामीण क्षेत्र में आवाज तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन के पदाधिकारियों ने एत्मादपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर गहरी नाराज़गी जताई और इसे तुरंत समाप्त करने की मांग की।

बैठक में संगठन के नेताओं ने कहा कि गांव के गरीब किसान, मजदूर और आम उपभोक्ता पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में पहले पैसे जमा करने के बाद ही बिजली का उपयोग करने वाली प्रीपेड प्रणाली आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। यदि इस व्यवस्था को जल्द समाप्त नहीं किया गया तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि विद्युत विभाग को जनता की समस्याओं को समझना होगा। यदि विभाग ने प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया नहीं रोकी तो जल्द ही क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।

क्या कहता है विद्युत अधिनियम 2003

बैठक में संगठन के प्रतिनिधियों ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का भी उल्लेख किया। इस धारा के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली लेना चाहता है तो उससे सुरक्षा राशि (Security Deposit) नहीं ली जा सकती।

संगठन का कहना है कि कानून उपभोक्ता को यह विकल्प देता है कि वह प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर में से अपनी सुविधा के अनुसार व्यवस्था चुन सके। इसलिए किसी भी उपभोक्ता पर जबरन प्रीपेड या स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू करना उचित नहीं है।

बैठक के अंत में संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और विद्युत विभाग ने जल्द ही इस विषय पर पुनर्विचार नहीं किया तो किसान यूनियन क्षेत्र के अन्य संगठनों और ग्रामीणों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।

संवाददाता : प्रेम चौहान
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