पाकुड़: जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पाकुड़ पुलिस इन दिनों ‘एक्शन मोड’ में है। पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के कड़े निर्देशों के बाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में फरार वारंटियों के खिलाफ चलाया गया विशेष छापेमारी अभियान बड़ी सफलता के साथ संपन्न हुआ है।
10 महीनों तक चला सघन तलाशी अभियान
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह विशेष अभियान 1 जून 2025 से शुरू होकर 4 अप्रैल 2026 तक चलाया गया। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले के कोने-कोने में दबिश दी। करीब 10 महीनों तक चले इस निरंतर अभियान के परिणामस्वरूप कुल 76 वारंटियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है।
चिन्हित कर पकड़े गए लंबे समय से फरार आरोपी
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पुलिस ने उन अपराधियों को प्राथमिकता दी जो सालों से पुलिस की पकड़ से बाहर थे और अदालती कार्यवाही से बच रहे थे।
-
रणनीतिक पहचान: पुराने रिकॉर्ड खंगालकर फरार आरोपियों की सूची तैयार की गई।
-
टीम वर्क: गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की।
-
त्वरित कार्रवाई: गिरफ्तारी के तुरंत बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
“हमारा मुख्य उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और कानून के शासन को प्रभावी बनाना है। फरार वारंटियों के खिलाफ यह कार्रवाई केवल शुरुआत है; अपराधियों को यह समझ लेना चाहिए कि वे कानून से ज्यादा समय तक नहीं छिप सकते।” — निधि द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक, पाकुड़
अपराधियों में हड़कंप, जारी रहेगा अभियान
पाकुड़ पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई से जिले के अपराधियों और वारंटियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल अपराध दर में कमी आएगी, बल्कि आम जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
रिपोर्ट: सुमन कुमार दत्ता ,TN न्यूज़ 24, पाकुड़

Updated Video




Subscribe to my channel





