गुजरात प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा बड़ा निर्णय १०० परसेंट नामांकन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात शिक्षा विभाग का बड़ा निर्णय 100% नामांकन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड // स्कूल न जाने वाले बच्चों को क्षमता के बजाय उम्र के आधार पर मिलेगा प्रवेश //

गुजरात प्रदेश

राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 100% नामांकन (Enrollment) के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु एक नया सर्वेक्षण शुरू किया है। इस सर्वेक्षण के तहत राज्य के उन सभी बच्चों की जन्म कुंडली और विवरण एकत्र किए जा रहे हैं जो प्रवेश के पात्र हैं। हालांकि, विभाग के इस नए निर्देश ने एक विवाद को जन्म दे दिया है, जहाँ विशेषज्ञ इसे “बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़” बता रहे हैं।

**प्रमुख दिशा-निर्देश और नियम:**

* **उम्र के आधार पर प्रवेश:** कक्षा 1 से 8 तक के ऐसे बच्चे जो कभी स्कूल नहीं गए या जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी थी, उन्हें उनकी शैक्षणिक क्षमता (Ability) के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी **उम्र के आधार पर** सीधे संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।

* **अभिभावकों में रोष:** इस निर्णय से अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश है। उनका मानना है कि बिना बुनियादी ज्ञान के बच्चे को सीधे बड़ी कक्षा में बिठाने से उसका शैक्षणिक स्तर गिर जाएगा।

* **प्रवेश के लिए आयु सीमा (1 जून तक):**

* **3 वर्ष पूर्ण:** आंगनवाड़ी में प्रवेश।

* **5 वर्ष पूर्ण:** बालवाटिका में प्रवेश।

* **6 वर्ष पूर्ण:** कक्षा 1 में अनिवार्य प्रवेश।

* **अधिकारियों को निर्देश:** राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में सर्वेक्षण पूरा करें ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

* **कक्षा 9 और 11 के लिए विशेष निर्देश:** प्राथमिक शिक्षा (कक्षा 8) पूरी करने वाले शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन कक्षा 9 में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई स्कूल केवल कक्षा 5 तक है, तो वहां के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी कि वे उन बच्चों का नामांकन पास के किसी माध्यमिक विद्यालय की कक्षा 6 में करवाएं।

**समय सीमा (Deadline):**

शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्री-सर्वे का काम **15 मई** तक पूरा कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त, कक्षा 10 के बोर्ड परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के भीतर उत्तीर्ण छात्रों का सर्वेक्षण कर **30 मई** तक अंतिम रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया है।

**निष्कर्ष:**

शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य में “ड्रॉप-आउट” दर को शून्य करना और हर बच्चे को स्कूल तक लाना है, भले ही इसके लिए उम्र को मानक बनाया जाए।

टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419

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