गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
आग लगने का फर्जी केस बनाकर बीमा कंपनी से लाखों रुपये का क्लेम लेने वाले तीन आरोपियों को 3 वर्ष की सजा
अहमदाबाद। इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट और फटाकों के कारण आग लगने का झूठा मामला बनाकर बीमा कंपनी से लगभग 20 लाख रुपये का फर्जी क्लेम लेने वाले तीन आरोपियों को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 3 वर्ष की सख्त कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर ₹3.50 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत बीमा कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया और गंभीर आर्थिक अपराध को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि बीमा कंपनी के कुछ अधिकारियों ने गंभीर त्रुटियों के बावजूद क्लेम फाइल तैयार करने में भूमिका निभाई थी।
जानकारी के अनुसार, करीब 25 वर्ष पहले न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की सूरत शाखा से फायर इंश्योरेंस पॉलिसी ली गई थी। इसके बाद पूर्व नियोजित तरीके से इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट और फटाकों के कारण आग लगने की कहानी तैयार कर भारी नुकसान दर्शाया गया और लगभग 20 लाख रुपये का बीमा क्लेम दाखिल किया गया।
मामले की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी एफआईआर, झूठा पंचनामा, फायर ब्रिगेड के बनावटी प्रमाणपत्र तथा अन्य नकली दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनी को गुमराह किया था। अदालत ने इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।
टी यन न्यूज 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879855419
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