गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी की खास रिपोर्ट
डीजल वितरण पर सरकार के नए नियमों से किसानों और आम जनता में चिंता
गुजरात प्रदेश अहमदाबाद,
राज्य में डीजल की बढ़ती मांग और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों के बीच सरकार द्वारा डीजल वितरण को लेकर नए नियम लागू किए जाने से किसानों और आम नागरिकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। सरकार ने डीजल की संग्रहखोरी रोकने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब किसानों को डीजल प्राप्त करने के लिए 7-12 की प्रति, आधार कार्ड तथा ट्रैक्टर की आरसी बुक जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
सरकार का दावा है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसके बावजूद कई जिलों, विशेष रूप से सौराष्ट्र-कच्छ और ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई स्थानों पर डीजल सीमित मात्रा में दिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
जानकारी के अनुसार, कई पेट्रोल पंपों पर एक बार में केवल 20 से 25 लीटर तक ही डीजल दिया जा रहा है। पहले जहां किसानों और वाहन चालकों को 200 से 300 लीटर तक डीजल आसानी से मिल जाता था, वहीं अब सीमित आपूर्ति के कारण परिवहन और कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
सरकार द्वारा जारी नए परिपत्र के अनुसार दस्तावेजों की जांच के बाद ही किसानों को अधिकतम 200 लीटर तक डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस निर्णय को लेकर लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में इस प्रकार की प्रक्रिया से उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डीजल की उपलब्धता सामान्य है तो वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि किसानों और आम जनता को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई की खास रिपोर्ट स्थानीय प्रेस नोट और विज्ञापन के लिए संपर्क करें 9879 855419
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