गुजरात प्रदेश सुरत शहर में बंद पड़ी सरकारी स्कूलो की जमीन मूल मालिक को*********

गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट

गुजरात प्रदेश के सुरत शहर में बंद पड़ी स्कूलों की जमीन मूल मालिकों को लौटाने की मांग तेज

सूरत, शहर के सेंट्रल जोन, कतारगाम और उधना क्षेत्र की सात बंद पड़ी स्कूलों की जमीनों को लेकर जमीन मालिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। करीब 12 वर्ष पहले शिक्षा के उद्देश्य से दान में दी गई इन जमीनों की वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी है, लेकिन स्कूल बंद होने के बावजूद नगर पालिका की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में स्थित सात स्कूलें वर्षों से बंद पड़ी हैं और संबंधित भूमि का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। उस समय जब जमीनें शिक्षा के हित में दी गई थीं, तब ये इलाके शहर की सीमा से बाहर थे और जमीनों का मूल्य भी अपेक्षाकृत कम था। वर्तमान में ये क्षेत्र शहर के प्रमुख इलाकों में शामिल हो चुके हैं, जिसके कारण जमीनों की कीमतों में कई गुना वृद्धि हुई है।

जमीन मालिकों का कहना है कि वे पिछले 12 वर्षों से नगर पालिका और शिक्षा समिति के समक्ष लगातार आवेदन एवं प्रस्तुतियां कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। करोड़ों रुपये मूल्य की इन जमीनों के बदले केवल नाममात्र का वार्षिक किराया दिया जा रहा है।

जमीन मालिकों ने मांग की है कि जिन स्कूलों का संचालन बंद हो चुका है, उनकी जमीनें मूल मालिकों को वापस सौंपी जाएं अथवा उन्हें बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।

दूसरी ओर, पालिका प्रशासन का कहना है कि मामला कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के अधीन है और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय जमीन मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगामी दिनों में आंदोलन और कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।

टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट

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