गुजरात प्रदेश सूरत शहर में 85 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा, केवल बारिश से आई बाढ़ ने मचाई तबाही
22 लोगों की मौत, 2100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
सूरत, दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने 85 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इतिहास में पहली बार सूरत में केवल बारिश के पानी से बाढ़ जैसी भयावह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 2100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
मंगलवार शाम 4 बजे से रात 2 बजे तक मात्र 10 घंटे में लगभग 12 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर और आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए। हालात को देखते हुए सूरत और नवसारी जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे गुजरात में सक्रिय हो चुका है। पिछले 24 घंटों में सूरत, वलसाड, नवसारी सहित दक्षिण गुजरात के कई जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है।
भारी बारिश की प्रमुख वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर का बढ़ा हुआ तापमान, समुद्र से आने वाली नमी, दक्षिण-पश्चिमी हवाएं, निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) तथा डांग-सापुतारा एवं पश्चिमी घाट की पहाड़ियों का प्रभाव मिलकर दक्षिण गुजरात में ‘रेन कॉरिडोर’ बना रहे हैं। इसी कारण राज्य के 15 जिलों में सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों तक दक्षिण गुजरात में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, निचले इलाकों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटे हुए हैं और स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।
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