आगरा। कमला नगर स्थित सरयू विहार, बसंत विहार कॉलोनी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब नगर निगम आगरा और आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के अधिकारियों की एक टीम कॉलोनी में पहुंचकर सड़कों और मकानों की नापजोख करने लगी। कॉलोनीवासियों ने अधिकारियों पर बिना किसी लिखित आदेश और पहचान पत्र के कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध जताया।

कॉलोनीवासियों का आरोप है कि टीम के सदस्यों ने कॉलोनी की सभी सड़कों और मकानों की नापजोख कर प्रत्येक भवन का नक्शा जांचने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि यदि कोई मकान स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं पाया गया तो संबंधित भवन और सड़क को तोड़ने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बात से कॉलोनी के निवासियों में भय और आक्रोश व्याप्त हो गया।
निवासियों के अनुसार, पिछले करीब एक वर्ष से नगर निगम और ADA की टीमें लगभग हर महीने कॉलोनी में पहुंचकर इसी तरह की नापजोख कर रही हैं। उनका आरोप है कि पड़ोस की बसंत निकुंज कॉलोनी के निवासी विवेक सिंघल द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही हैं और सरयू विहार कॉलोनी से रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। जबकि दोनों कॉलोनियों के लेआउट ADA द्वारा अलग-अलग स्वीकृत किए गए हैं। ऐसे में एक कॉलोनी का रास्ता दूसरी कॉलोनी को देने की मांग को लेकर बार-बार की जा रही कार्रवाई पर निवासियों ने सवाल खड़े किए हैं।
शुक्रवार को जब कॉलोनीवासियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्रवाई का लिखित आदेश दिखाने और अपनी सरकारी पहचान प्रस्तुत करने को कहा तो कथित तौर पर टीम के सदस्य कोई आदेश अथवा पहचान पत्र नहीं दिखा सके। इस पर निवासियों ने सवाल उठाया कि बिना आधिकारिक आदेश और पहचान के वे किस आधार पर पूरी कॉलोनी की नापजोख कर रहे हैं। आरोप है कि अधिकारियों ने आदेश और पहचान पत्र उपलब्ध न होने की बात कहते हुए अपना काम जारी रखने की बात कही।

कॉलोनीवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि टीम के साथ फ्लाइंग स्क्वॉड के लगभग 12 से 15 सदस्य मौजूद थे। विरोध के दौरान कुछ निजी व्यक्तियों की मौजूदगी को लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई। निवासियों का कहना है कि विरोध बढ़ने पर टीम मौके से वापस चली गई।

घटना के दौरान कॉलोनी के संरक्षक धीरेंद्र सिंह, अध्यक्ष चौधरी विमल कुमार जैन, संरक्षक केके भगत, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, केके जैन, अनुज अग्रवाल सहित चौधरी सरिता जैन, रजनी सिंह, कीर्ति, राधा, रितु अग्रवाल, अलका ओबेरॉय, रंजीता, लक्ष्मी जैन, सुजाता जैन, पूनम शर्मा और रीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी मौजूद रहे।

कॉलोनीवासियों ने नगर निगम और आगरा विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, बार-बार होने वाली कथित कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने तथा भविष्य में किसी भी निरीक्षण से पहले विधिवत लिखित आदेश और अधिकारियों की पहचान सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई वैधानिक कार्रवाई प्रस्तावित है तो उसे नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि कॉलोनीवासियों में अनावश्यक भय और असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461
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