श्रीमनःकामेश्वर मंदिर के भंडारे में दिखी सद्भावना, एक ही पंगत में ग्रहण किया प्रसाद

आगरा संवादाता- अर्जुन रौतेला। श्रीमनःकामेश्वर मंदिर, रावत पाड़ा द्वारा आयोजित बेमिसाल भंडारे में सोमवार को सामाजिक, धार्मिक सद्भवना प्रदर्शित हुई। विभिन्न धर्म, जाति और वर्ग के श्रद्धालुओं ने एक ही पंगत में बैठ कर प्रसाद ग्रहण किया।

दरेसी पर सड़क पर सोमवार को बड़ा ही मनमोहक और प्रेरक माहौल था। सड़क के दोनों छोरों पर बैरियर लगा कर रास्ता रोक दिया गया था। सड़कके दोनों ओर कुर्सी और टेबल लगाई गई थी,जिन पर वहां पहुंचे सभी लोगों को प्रसाद ग्रहण कराया गया। हालत यह थी कि सुबह से शुरू हुए इस भंडारे में देर शाम तक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कुर्सियों के पीछे खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए।

ट्रालियों से परोसा भोजन

खीर, पूड़ी, सब्जी आदि को ट्रालियों में भर-भर कर परोसा गया। इसके लिए स्वयं मठ प्रशासक हरिहर पुरी जुटे हुए थे, उनके साथ अन्य सहयोगी भी थे। श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी के अनुसार इस भंडारे में लगभग 20 कुंतल दूध, 30 कुंतल आटा, 40 कुंतल सब्जी, 10 कुंतल मालपुआ आदि वितरित किया गया।

उन्होंने बताया कि 3 नंवबर उनके पूज्य पिताजी मंदिर के महंत उद्धवपुरी जी महाराज ब्रह्मलीन हुए थे। इसलिए उनकी स्मृति में तीन नवंबर के आस पास के सोमवार को भंडारा करा देते। दिगनेर में रामलीला महोत्सव और गंगा स्नान के पश्चात आज भंडारा कराया है, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों की प्रसादी ग्रहण की है।

 

सभी धर्मों के अनुयायी पहुंचे

कैथोलिक समाज के विद्यार्थियों के अलावा फादर मून लाजरस, मौलाना उजेर आलम, गुरुनाम सिंह, फादर क्रिस्टोफर, असलम सैफी के अलावा अनूप यादव, पवन समाधिया, उपमा गुप्ता, नवीन गौतम, डा.डीवी शर्मा, मंजू भदौरिया, बबिता चौहान, बबिता पाठक, बंटी ग्रोवर सहित शहर के अनेक समाजसेवी, पत्रकार, राजनीतिक जन मौजूद रहे।

दरेसी पर स्थापित किए बाबा

भंडारा स्थल पर पर ही बाबा मनःकामेश्वर की झांकी को सजाया गया था। श्रद्धालु बाबा की ओर सजल नेत्रों से निहार रहे थे।

 

स्वच्छता का पूरा ध्यान

गंदगी का नामोनिशान नहीं था। आमतौर पर भंडार होता है तो चारों और गंदगी छितरा जाती है। हजारों लोगों की उपस्थिति होने पर भी स्वच्छता देखते ही बनती थी।

फोटो, कैप्शन− दरेसी पर चल रहे श्री मनःकामेश्वर नाथ मंदिर के वार्षिक भंडारे में भाेजन प्रसादी परोसते श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी।

 

Follow us on →     
No Slide Found In Slider.

Updated Video
 
gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

    Related Posts

    कर्बला के शहीदों की याद में मना चेहल्लुम,महफ़िल,लंगर

     फतेहपुर सीकरी दरगाह हज़रत शैख़ सलीम चिश्ती के सज़्ज़ादानशी अरशद फरीदी के नेतृत्व में चेहल्लुम की महफिल का अहतमाम किया गया महफ़िल में तमाम शायर व ओलेमा ने कलाम पेश…

    बजरंगदल सेवा सप्ताह के तहत किरावली में हुआ वृक्षारोपण, विहिप क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर ने लगाया बरगद का पौधा

    बजरंगदल सेवा सप्ताह के तहत किरावली में हुआ वृक्षारोपण, विहिप क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर ने लगाया बरगद का पौधा किरावली। बजरंगदल के सेवा सप्ताह कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को…

    Leave a Reply