उद्यमियों के सहयोग से सरकार दौड़ाएगी “उद्योग एक्सप्रेस” : जयवीर सिंह

संवाददाता अर्जुन रौतेला आगरा। लघु उद्योग भारती द्वारा 33वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन वाटर वर्क स्थित अग्रवन में किया गया। “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” विषय पर आयोजित इस समारोह में आगरा के सूक्ष्म, लघु एवं अति सूक्ष्म उद्योगों की भूमिका, चुनौतियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयवीर सिंह ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि “उद्यमियों के सहयोग से सरकार उद्योग एक्सप्रेस को और तेज गति से आगे बढ़ाएगी।” उन्होंने कहा कि भारत ने वह दौर भी देखा है जब विश्व व्यापार में उसकी हिस्सेदारी 23 प्रतिशत तक थी, लेकिन बाद के वर्षों में लगातार गिरावट आई।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का कानपुर कभी “मैनचेस्टर” के नाम से जाना जाता था, लेकिन वामपंथी सोच एवं गलत नीतियों के कारण उद्योगों को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद लंबे समय तक प्रदेश में व्यापारियों के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार, दंगों एवं अराजकता का वातावरण बना रहा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार आई, तब उद्यमियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ और उद्योगों का सुनहरा दौर पुनः लौटने लगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश में करोड़ों रुपये के निवेश आए हैं और आज उत्तर प्रदेश सरप्लस रेवेन्यू वाला राज्य बन चुका है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आगरा को बड़ी सौगातें मिली हैं तथा आगरा अब जेवर एयरपोर्ट, विभिन्न एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़ चुका है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि आगरा के निकट स्थित बटेश्वर का शीघ्र ही व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। वहां स्थित 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। साथ ही पर्यटकों के आकर्षण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि फतेहपुर सीकरी में जल्द ही लाइट एंड साउंड शो प्रारंभ होने जा रहा है, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। यदि लघु उद्योग ग्रामीण महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ें, तो उन्हें रोजगार के साथ सम्मानजनक जीवन मिलेगा और उद्योगों को बेहतर कार्यबल प्राप्त होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने की। मंच पर उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल, ब्रज प्रांत महामंत्री अमरेंद्र शर्मा, ब्रज प्रांत अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद अध्यक्ष पूरन डावर, डॉ रंजना बंसल की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भगवान विश्वकर्मा तथा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। तत्पश्चात संगठन की 33 वर्षों की गौरवगाथा, उपलब्धियों एवं राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई की भूमिका पर विशेष प्रस्तुति दी गई।

स्वागत उद्बोधन में जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि लघु उद्योग भारती पिछले 33 वर्षों से राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं समाजहित के भाव के साथ देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को संगठित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई आज भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1993-94 में आर्थिक उदारीकरण के दौर में जब छोटे उद्योग संघर्ष कर रहे थे, तब राष्ट्रवादी चिंतन से प्रेरित उद्यमियों ने लघु उद्योग भारती की स्थापना की। आज संगठन देश के 27 राज्यों एवं सैकड़ों जिलों में सक्रिय होकर 70 हजार से अधिक उद्योग सदस्यों की प्रभावी आवाज बन चुका है।

उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि देश में लघु उद्योग मंत्रालय की स्थापना एवं एमएसएमई सेक्टर को स्वतंत्र पहचान दिलाने की विचार चेतना को राष्ट्रीय स्वर देने में लघु उद्योग भारती की ऐतिहासिक भूमिका रही है। उन्होंने आगरा के उद्यमियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा तथा कहा कि टीटीजेड की बाध्यताओं एवं उद्योगों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु संगठन निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी आर्थिक विचारधारा का आंदोलन है। उन्होंने एमएसएमई को भारत की आर्थिक शक्ति बताते हुए युवाओं को उद्यमिता से जुड़ने का आह्वान किया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में राकेश गर्ग ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं देश का औद्योगिक विकास एमएसएमई सेक्टर के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती उद्योगों की समस्याओं को नीति निर्माण के केंद्र तक पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रही है।

कार्यक्रम के अंतर्गत “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” विषय पर विशेष परिचर्चा एवं मंथन आयोजित किया गया, जिसमें जूता एवं लेदर, पेठा, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री एवं इंजीनियरिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य एमएसएमई क्षेत्रों के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि यदि परंपरागत उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बेहतर नीति, निर्यात प्रोत्साहन एवं नवाचार से जोड़ा जाए, तो आगरा देश के सबसे बड़े एमएसएमई मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है। इस दौरान यह भी कहा गया कि आगरा की असली पहचान केवल ऐतिहासिक स्मारकों में नहीं, बल्कि उसके उद्यम, कौशल और उद्योगों की जीवंत परंपरा में बसती है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल एक औद्योगिक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी आर्थिक चेतना का सशक्त मंच है।

कार्यक्रम प्रभारी आलोक अग्रवाल ने कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी अतिथियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजक नितेश गुप्ता ने संगठन की ओर से सभी आगंतुकों, उद्यमियों एवं सहयोगकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।

जिला महासचिव राजीव बंसल एवं कोषाध्यक्ष संजीव जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम में आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, चैंबर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत, विकास चतुर्वेदी, सिद्धार्थ अग्रवाल, अभिषेक चौरसिया, अभिषेक जैन, आगरा व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरसनानी, किशोर खन्ना, सौरभ सिंघल, पंकज गोयल, दो मुनीश्वर गुप्ता डॉक्टर कैलाश चंद्र सारस्वत, अमूल्य कक्कड़ आदि उपस्थित रहे।

आगरा के जूता एवं लेदर उद्योग, पेठा उद्योग, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री एवं इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, सिल्वर एवं अन्य एमएसएमई क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर उद्योगों के विकास एवं विस्तार पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461

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gc goyal rajan
  • अर्जुन रौतेला आगरा

    रंग लाती है हिना पत्थर से पिस जाने के बाद। सुर्ख रूह होता है इंसान ठोकरें खाने के बाद।। मेहंदी का रंग प्राप्त करने के लिए उसको पत्थर पर पिसा जाता है, तब लोग उसकी तरफ आकर्षित होते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य जो जितना "दर्द अथवा कठिन कर्म" करता है, लोग उसी की तरफ आकर्षित होते हैं।

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