गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी कि खास रिपोर्ट
गुजरात प्रदेश सुरत शहर के लिंबायत विस्तार की रेल राहत कॉलोनी में महिलाओं का फूटा गुस्सा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप
सूरत, 27 जुलाई। सूरत के लिंबायत क्षेत्र स्थित नूरानी मस्जिद के समीप रेल राहत कॉलोनी में रहने वाली महिलाओं ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर रोष व्यक्त किया है। महिलाओं का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और सहायता की मांग उठाने के बावजूद न तो कोई स्थानीय पार्षद और न ही कोई जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को सुनने के लिए कॉलोनी में पहुंचा है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाली राहत एवं सहायता भी अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके चलते कॉलोनी के अनेक परिवार कठिन परिस्थितियों में जीवन-यापन करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
महिलाओं ने सरकार एवं संबंधित प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर रेल राहत कॉलोनी के प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत एवं सरकारी सहायता पहुंचाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि संकट के समय जनता के बीच उपस्थित रहना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन अब तक ऐसा देखने को नहीं मिला।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होंगी।
टी एन न्यूज़ 24 आवाज जुर्म के खिलाफ गुजरात हेड राजेंद्र तिवारी के साथ राजेश देसाई कि खास रिपोर्ट
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