।। कोसी कलां ।।
दशरथ दरबार की भव्य झांकी के साथ निकलीं मनमोहक झांकियां, दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब।
रामलीला मैदान में पालिकाध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ने भगवान विष्णु की आरती उतारकर किया मंचन का शुभारंभ, स्थानीय कलाकारों ने रामजन्म लीला का किया सजीव मंचन।

कोसीकलां। उत्सव नगरी कोसीकलां में श्री रामलीला संस्थान के तत्वावधान में आयोजित रामलीला महोत्सव के अंतर्गत शनिवार की देर शाम दशरथ दरबार की भव्य सवारी एवं आकर्षक धार्मिक झांकियां धूमधाम के साथ निकाली गईं। झांकियों के दर्शन करने के लिए नगर के लोगों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बैंड-बाजों की मधुर धुनों, धार्मिक जयघोष और आकर्षक साज-सज्जा से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सवारी के दौरान भगवान श्रीराम के जन्म से जुड़ी विभिन्न लीलाओं और प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से दर्शाया गया, जिन्हें देखने के लिए लोग मार्ग में जगह-जगह एकत्रित रहे। रामलीला महोत्सव के क्रम में रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ने भगवान विष्णु की आरती उतारकर किया। इस अवसर पर श्री रामलीला संस्थान के पदाधिकारियों ने पालिकाध्यक्ष सहित कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का माला एवं पटका पहनाकर स्वागत किया तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद रामलीला मैदान में स्थानीय कलाकारों द्वारा धार्मिक लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति और संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

शनिवार शाम करीब छह बजे ग्यालाल स्मृति भवन से दशरथ दरबार की सवारी निकाली गई। सवारी में राजा दशरथ और कैकेयी के दरबार सहित देवताओं द्वारा भगवान विष्णु से पृथ्वी पर बढ़ते अत्याचारों से मुक्ति दिलाने तथा अवतार लेने की प्रार्थना करने जैसे धार्मिक प्रसंगों को आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। झांकियों की साज-सज्जा और उनमें दर्शाए गए पौराणिक प्रसंग लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। सवारी में सबसे आगे चल रहे बैंड-बाजों की मधुर धुनें वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं। झांकियों के पीछे चल रहे श्रद्धालु एवं नगरवासी पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन का आनंद लेते नजर आए। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने रुककर झांकियों के दर्शन किए। सवारी विभिन्न मार्गों से होती हुई रामलीला मैदान पहुंचकर संपन्न हुई।
स्थानीय कलाकारों ने किया रामजन्म लीला का सजीव मंचन
रात्रि में रामलीला मैदान में स्थानीय कलाकारों द्वारा कौशल्या हरण एवं रामजन्म लीला का मंचन किया गया। मंचन के दौरान राजा दशरथ के संतान प्राप्ति यज्ञ और भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के जन्म से जुड़े प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद और भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को त्रेतायुग की धार्मिक कथाओं से जोड़ दिया।

लीला के प्रसंग के अनुसार, यज्ञ के उपरांत अग्निदेव द्वारा महाराजा दशरथ को दिव्य फल प्रदान किया गया। राजा दशरथ ने उस फल को यथायोग्य भागों में बांटकर अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा को दिया। समय आने पर महारानी कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम, कैकेयी के गर्भ से भरत तथा सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आते ही रामलीला मैदान में बधाई उत्सव का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता के साथ भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

रामजन्म लीला के दौरान कलाकारों ने पारंपरिक धार्मिक वातावरण में भगवान श्रीराम के अवतरण का दृश्य प्रस्तुत किया। लीला में दर्शाया गया कि भगवान श्रीराम का जन्म धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और भक्तों के कल्याण के लिए हुआ। जन्मोत्सव के प्रसंग पर बधाई गीतों और उत्सवपूर्ण वातावरण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ लीला का आनंद लिया। रामलीला संस्थान की ओर से आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से नगरवासियों को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों को देखने का अवसर मिल रहा है। प्रतिदिन आयोजित हो रहे कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर रहे हैं। रामलीला महोत्सव के दौरान आयोजकों ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को रामलीला मैदान में रात्रि आठ बजे से सीता जन्म एवं ताड़का वध की लीला का मंचन किया जाएगा। संस्थान की ओर से नगरवासियों एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में पहुंचकर धार्मिक लीलाओं का आनंद लेने की अपील की गई है।
संवाददाता –विष्णु कुमार
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