नई दिल्ली। वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए इलेक्शन की तैयारी कर रही भारतीय जनता पार्टी इस मर्तबा मुस्लिम महिलाओं को लुभाने के लिए एक नया मुद्दा लेकर आई है। कानून के पास होने पर मुस्लिम महिलाओं को अपनी सौतन से भी आसानी के साथ छुटकारा मिल जाएगा। दरअसल भारतीय जनता पार्टी अपनी स्थापना के समय से ही समान नागरिक संहिता, राम मंदिर और जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का अपना मुख्य मुद्दा बताती रही है। इन तीन मुद्दों में से अयोध्या में राम मंदिर और जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाते वह अपने दो वादों को पूरा कर चुकी है। अब भारतीय जनता पार्टी की कोशिश है कि देश में समान नागरिक संहिता कानून पास कर उसे लागू कर दिया जाए।

भारतीय जनता पार्टी को लग रहा है कि इस मुद्दे से उसका वैचारिक आधार भी बनी रहेगा और वह पहले की तरह ध्रुवीकरण के माध्यम से लोकसभा चुनाव में एकजुट होने की कोशिश कर रहे विपक्ष को करारा जवाब दे सकेगी।भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के एक नेता का कहना है कि जिस तरह से मामूली विरोध के साथ जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया गया है, ठीक उसी तरह से शांति के साथ थोड़े बहुत विरोध के बावजूद समान नागरिक संहिता कानून भी लागू हो जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि तीन तलाक पर कानून बनाते हुए उसने मुस्लिम महिलाओं को उनका हक दिलाने का काम किया है। तीन तलाक कानून लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति मनमाने ढंग से अपनी पत्नी को नहीं छोड़ सकेगा। जिसके चलते पत्नी को उसका वाजिब हक भी प्राप्त हो सकेगा। इसी तरह समान नागरिक संहिता लागू होने से महिलाओं को पति की संपत्ति में बराबर का हक मिलेगा और निसंतान मुस्लिम दंपतियों के लिए बच्चों को गोद लेना भी आसान होगा।
अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता का कहना है कि फिलहाल भारत में मुस्लिम पर्सनल ला के अंतर्गत किसी भी मुस्लिम व्यक्ति को चार पत्नियां रखने का अधिकार है। यदि समान नागरिक संहिता देश में लागू होती है तो मुस्लिम व्यक्तियों के पास चार चार पत्नियां रखने का कोई हक नहीं होगा। ऐसे हालातों में सौतन के आने की बाबत हर समय आशंकित रहने वाली महिलाओं को एक पत्नी होने से उनका हक भी उन्हें आराम के साथ मिला रहेगा
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