अर्जुन रौतेला आगरा। आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के माहव्यापी जनस्वास्थ्य अभियान ‘आगरा मूव्स बेटर-2026’ के तहत मंगलवार को शहर में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं की अस्थि घनत्व (बीएमडी) जांच की गई। विद्यार्थियों को मजबूत हड्डियों, स्वस्थ जीवनशैली और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। वहीं एफएच मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक मरीजों की अस्थि घनत्व जांच के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सही कार्यशैली का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में सुबह करीब नौ बजे जांच शिविर शुरू हुआ। आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी की टीम ने छात्राओं की छोटे-छोटे समूहों में जांच की। इस दौरान सोसायटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी, पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता और डॉ. देवांशु मोहानिया मौजूद रहे।
कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘ग्रो स्ट्रांग’ संवादात्मक सत्र में डॉ. देवांशु मोहानिया ने किशोरावस्था में मजबूत हड्डियों के निर्माण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने नियमित व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधि, संतुलित पौष्टिक आहार, सही शारीरिक मुद्रा और स्वस्थ जीवनशैली को हड्डियों के बेहतर स्वास्थ्य की नींव बताया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से स्वास्थ्य, पोषण और व्यायाम से जुड़े सवाल पूछकर जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद डॉ. संजय चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कम उम्र में वाहन चलाने के खतरों, वाहन चलाने के लिए निर्धारित आयु, हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग, तेज गति तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले जोखिमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि स्वयं और सड़क पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के प्रति जिम्मेदारी निभाना है।

पूर्व सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को स्वस्थ और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 की छात्रा पावी ने किया।
विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्वस्थ, जागरूक, जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बनाना भी है। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

एफएच मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में 100 से अधिक मरीजों की अस्थि घनत्व जांच की गई। मरीजों को हड्डियों की कमजोरी और अस्थि क्षय के जोखिम के प्रति जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हड्डियों की कमजोरी कई वर्षों तक स्पष्ट लक्षणों के बिना रह सकती है और कई बार मामूली गिरावट के बाद होने वाला फ्रैक्चर इसका पहला संकेत बनता है।

एफएच मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए कार्यस्थल स्वास्थ्य एवं शारीरिक संतुलन प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के सदस्य डॉ. इमरान साजिद ने स्वास्थ्यकर्मियों को सही शारीरिक मुद्रा, शरीर की उचित गति-विधि और काम के दौरान नियमित अंतराल पर चलने-फिरने के महत्व की जानकारी दी।

उन्होंने मरीजों को उठाने या स्थानांतरित करने, लंबे समय तक खड़े रहने, झुककर काम करने तथा लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने से होने वाली मांसपेशियों और जोड़ों से संबंधित समस्याओं से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘आगरा मूव्स बेटर-2026’ पूरे अगस्त माह चलने वाला शहरव्यापी जनस्वास्थ्य अभियान है। इसके माध्यम से विद्यालयों, अस्पतालों, स्वास्थ्यकर्मियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, पुलिसकर्मियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक हड्डियों, जोड़ों एवं मांसपेशियों के स्वास्थ्य, चोट से बचाव, समय पर जांच और पुनर्वास के प्रति जागरूकता पहुंचाई जा रही है।
अभियान का संदेश है—‘मजबूत बनें, सक्रिय रहें और सुरक्षित रहें।’
अन्य खबरों हेतु संपर्क करें संवाददाता अर्जुन रौतेला 8868868461
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